
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद। जनपद के मुरादनगर स्थित श्मशान घाट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद इसकी गूंज लखनऊ तक जा पहुंची और इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना की सही जांच के लिए एसआईटी से जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। इस पूरे मामले में अभी और भी कई लापरवाह लोगों के चेहरे सामने आ सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पांचों आरोपियों के साथ ही शमशान घाट के लेंटर निर्माण के कागजों से लेकर नक्शों, बिलों और सिफारशि पत्रों की भी गहनता से जांच होगी। इस जांच के बाद कुछ नाम और बेनकाब हो सकते हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे दस्तावेज भी सामने आने की बात कही जा रही है जो इस पूरे मामले का खुलासा कर देंगे।
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उधर, मुरादनगर मामले को लेकर जिस प्रकार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक जांच बैठा रहे हैं उससे लापरवाहों की नींद उड़ी हुई है। आपको बता दें कि एसआईटी आर्थिक अपराध की जांच के लिए इकोनॉमिक ऑफिस विंग होती है। इसे हिन्दी में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भी कहा जाता है। खास तौर से एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी या हेराफेरी के मामले की जांच इकोनॉमिक ऑफिस विंग करती है। यह किसी भी बड़े आर्थिक अपराध में अपने आप केस दर्ज कर सकती है।
Published on:
07 Jan 2021 09:51 am
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