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किसान आंदोलन: कांग्रेस ने कई जगह लगाई किसान चौपाल, कार्यकर्ताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Highlights: -जिला पदाधिकारियों को किसान चौपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई -गांव-गांव में चौपाल लगाकर किसानों को दिया जाएगा समर्थन -चौपाल में शामिल नहीं होने वाला कांग्रेसियों को नोटिस भेजा जाएगा

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

गाजियाबाद। यूपी गेट पर कृषि कानून की वापसी को लेकर चल रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक पार्टी भी अपनी रोटियां सेकने में लगी हुई हैं। जिसके चलते जिला कांग्रेस कार्यालय पर मंगलवार को तीनों कानूनों के विरोध में तहसील स्तर पर जय जवान जय किसान कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी किसान चौपाल कार्यक्रम को लेकर जिला अध्यक्ष ने एक बैठक का आयोजन किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष विजेंद्र यादव ने कई जगह किसान चौपाल लगाकर किसानों का समर्थन दिए जाने की बात कही। बैठक में जिला पदाधिकारियों को किसान चौपाल की जिम्मेदारी सौंपी। बैठक में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं के अंदर पूरा जोश भरते हुए जिला समन्वयक प्रभारी राजेंद्र अवाना ने आगामी किसान चौपाल कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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बिजेंद्र यादव ने बताया कि आगामी किसान चौपाल कार्यक्रम तहसील के गांवों में किए जाने हैं। आगामी आयोजित किसान चोपाल कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के विधान परिषद के सदस्य दीपक सिंह व सहारनपुर से विधायक नरेश सैनी भी उपस्थित रहेंगे। जिला अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने कहा कि आगामी किसान चोपाल कार्यक्रम को जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी सफलतापूर्वक सफल बनाएंगे। किसान चोपाल 14 फरवरी को तहसील लोनी के गांव कोतवालपुर 18 फरवरी को जबकि गाजियाबाद तहसील के गांव कुसलिया और 21 फरवरी को मोदीनगर तहसील के गांव तलहटा में आयोजित की जाएगी।

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बिजेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लु की रावली कला गांव में आयोजित सभा में सूचना देने के बावजूद पार्टी के जो पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने वालों को पद मुक्त भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से पार्टी के हाईकमान द्वारा दिया गया आदेश का पालन हो इस बात का सभी कार्यकर्ता विशेष ध्यान रखें। कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही किसानों के पक्ष में रही है और किसान हितेषी रही है। लेकिन अब सर से पानी उतर चुका है। किसानों का इस सरकार में उत्पीड़न किया जा रहा है। इसलिए अब कांग्रेस शांत बैठने वाली नहीं है।