
गाजियाबाद। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर शहर में जगह-जगह टॉयलेट का निर्माण नगर निगम के द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए एक बड़ी रकम भी खर्च की जा रही है। वहीं, नगर आयुक्त सीपी सिंह उस वक्त हैरान रह गए जब नगर निगम के मुख्यालय परिसर में कभी विकलांग बुजुर्ग आदि के लिए जो टॉयलेट बनाया गया था उस पर ताला लटका हुआ है। इतना ही नहीं उस टॉयलेट को स्टोर के रूप में भी तब्दील कर दिया गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जब नाजिर से निगम मुख्यालय परिसर स्थित टॉयलेट को लेकर जानकारी मांगी गई, तो नाजिर के द्वारा भी अनभिज्ञता जता दी गई।
टॉयलेट खुलवाने के लिए दिए आदेश
दरअसल, गाजियाबाद नगर निगम में बड़ी संख्या में लोग अपना काम कराने के लिए आते हैं। लेकिन यहां पर जनसुविधा के लिए बने टॉयलेट पर निगम कर्मचारियों की तरफ से ताला लटका दिया गया है। इसे लेकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधीनस्थों को तुरंत प्रभाव से टॉयलेट को अवैध कब्जे से मुक्त कराते हुए उसे व्यवस्थित रूप दिए जाने के आदेश दिए। अब संभावना है कि यहां लोगों को जनसुविधा के लिए परेशान न होना पड़े।
स्टोर रूम में हो चुका था तब्दील
निगम में बने हुए टॉयलेट को स्टोर में तब्दील किया गया था। आयुक्त से आदेश मिलने के बाद अब नगर निगम के नजारत महकमे के द्वारा निर्माण विभाग को लेटर भेजा गया है और टॉयलेट को निर्माण से नजारत विभाग के हवाले किये जाने का आग्रह किया है ।
खुद नगर आयुक्त को नहीं थी जानकारी
नगर आयुक्त सीपी सिंह मीडिया से शहरभर में जगह- जगह बनाए जा रहे टॉयलेट के मुददे पर चर्चा कर रहे थे। इसी बीच जब सवाल किया गया कि निगम प्रशासन टॉयलेट के निर्माण के लिए स्थल खोज रहा है, जबकि निगम मुख्यालय परिसर में जो टॉयलेट बनाया है वो आमजन के लिए बंद पड़ा हुआ है। सवाल सुनते हुए नगर आयुक्त भी हैरान रह गए और नाजिर को तलब किया गया तो नाजिर के द्वारा भी इस टॉयलेट के प्रति अनभिज्ञता जतायी गई। जब नगर आयुक्त मुख्यालय परिसर स्थित इस टॉयलेट तक पहुंचे तो वह भी हालात देखकर हैरान रह गए। टॉयलेट के गेट पर वाहन खडे किए गए थे और ताला लटका हुआ था।
Published on:
13 Dec 2017 02:37 pm
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