
नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव जा रहे दीपक भंडारी द्वारा आनंद विहार स्टेशन पर पत्नी और जुड़वा बेटियों के साथ ली गई सेल्फी।
North East Train Accident: असम निवासी दीपक भंडारी जब आनंद विहार रेलवे स्टेशन से नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा के लिस सवार हुए तो उनके चेहरे पर खुशी थी। उन्होंने अपनी बेटी और पत्नी के साथ कई बार सेल्फी ली। सेल्फी लेते हुए दीपक उनकी पत्नी और बेटी के चेहरे पर खुशी थी। लेकिन उनको ये नहीं पता था कि आनंद विहार से करीब 800 किमी दूर मौत उनका इंतजार कर रही है।
सोने जा रहे थे, अचानक तेज झटके लगे और...
बेटी पिता के मोबाइल फोन से आनंद विहार जंक्शन पर खींची मां-बहन की तस्वीर को चूम रही है। बच्ची को ऐसा करते देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भर आई हैं। दीपक भंडारी ने बताया कि वह दिल्ली के एक बार में नौकरी करते हैं। वहां से छुट्टी लेकर वो अपने गांव जलपाईगुड़ी जा रहे थे। आनंद विहार स्टेशन पर पत्नी और बेटियों के साथ उन्होंने सेल्फी ली थी। उसके बाद सफर शुरू हुआ। बक्सर रेलवे स्टेशन से ट्रेन आगे बढ़ने लगी हम सोने जा रहे थे।
थोड़ी देर बाद अचानक तेज झटके लगे और तेज आवाज के साथ बोगी पलट गई। कुछ समझ नहीं आया। पूरी बोगी में चीख—पुकार मच गई थी। उसके बाद से सबकुछ सामने है।
दीपक ने रूंधे गले से कहा, क्या मालूम था कि उनका या सफर अधूरा रह जाएगा। सेल्फी आखिरी ही होगी। इसकी कल्पना मैंने नहीं की थी। दुर्घटना के बाद बक्सर डीएम ने दीपक भंडारी को शासन की तरफ से आठ लाख रुपए का चेक भी सौंपा।
पत्नी और बच्चों के साथ गांव जा रहे थे दीपक
बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में सफर कर रहे दीपक भंडारी अपनी पत्नी बच्चों के साथ अपने गांव जा रहे थे। यह सफर इतना भयानक होगा उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। वो जब ट्रेन हादसे का मंजर बयां कर रहे थे, तो उनके चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था।
असम निवासी दीपक भंडारी, अपनी पत्नी ऊषा भंडारी और जुड़वा बेटियों आकृति (8) व अदिति (8) के साथ आनंद विहार जंक्शन से जलपाईगुड़ी जाने के लिए नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में सवार हुए थे। रघुनाथपुर स्टेशन के पास ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। इसमें उनकी पत्नी ऊषा भंडारी और बेटी आकृति की मौत हो गई।
बेटी बार-बार पूछ रही- मां और दीदी कहां है?
दुर्घटना ने दीपक भंडारी को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है। वह चीख कर रोने का प्रयास तो करते हैं, लेकिन जिंदा बच गई अपनी एकमात्र पुत्री अदिति को आंसू भरी निगाहों से निहार रहे होते हैं। दीपक से उनकी पुत्री बार-बार यही पूछ रही है कि दीदी और मां कहां है, लेकिन वो कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं।
Published on:
12 Oct 2023 07:11 pm
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