1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ghaziabad धारा—144 के बाद भी धरने पर बैठे लेखपालों पर शासन ने की बड़ी कार्रवाई, 10 को किया निलबिंत

Highlights . विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे लेखपाल. 2 लेखपाल को बर्खास्त करने की संस्तृति शासन को भेजी. धरना जारी रखने पर डीएम ने दिए एफआईआर के निर्देश  

less than 1 minute read
Google source verification
ghaziabad-introduction-of-nomination-process-1.jpg

गाजियाबाद। यूपी (Uttar Pradesh) में धारा-144 लगने के बावजूद जिले के लेखपालों (Lekhpal) का प्रदर्शन जारी है। धारा—144 लागू होने के बाद भी धरने पर बैठे लेखपाल प्रशासन के निशाने पर आ गए हैं। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे 10 लेखपालों को निलबिंत कर दिया गया है। जबकि 2 को बर्खास्त करने की संस्तृति शासन को भेज दी गई है।

धारा-144 के बाद भी जारी रहा था लेखपालों का धरना

लेखपाल वेतन विसंगतियों को दूर करने, प्रमोशन, यूपी में लेखपालों की भर्ती, पेट्रोल भत्ता बढ़ाने, लैपटॉप आदि की 8 सुत्रीय मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। नागारिक संशोधन बिल के बाद देश में हुई हिंसक वारदातों को देखते हुए जिले में धारा 144 लगाई हुई है। उसके बाद भी लेखपाल अपनी 8 सुत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। जिसके चलते प्रशासन ने 10 लेखपालों को निलबिंत कर दिया गया है।

प्रशासन ने दी चेतावनी

DM अजय शंकर पांडेय ने बताया कि शासन ने लेखपालों के धरने को अवैध घोषित किया है। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। अगर लेखपाल अपना धरना समाप्त नहीं करते है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल, जिला कलेक्ट्रेट में लेखपाल प्रदर्शन कर रहे थे।