
गाजियाबाद के जिला कंबाइंड अस्पताल में ग्लूकोज की बोतलों में फंगस मिलने से हड़कप मच गया है। यहां पर करीब 15 दिन पहले 200 ग्लूकोज की बोतले भेजी गई थी। शुक्रवार को ग्लूकोज की बोतलें वार्ड और इमरजेंसी में मरीजों को चढ़ाने के लिए मांगी गई। इसके बाद स्टोर से तीन पेटी निकाली गई। पेटी खोली गई तो ग्लूकोज के अंदर फंगस मिला। इसके बाद पूरी पेटी को चेक किया तो सभी के अंगदर फंगस निकला।
गनीमत रही कि ग्लूकोज को इमरजेंसी या अन्य किसी वार्ड में मरीज को नहीं चढ़ाया गया था। हाल ही में यह अस्पताल एक्सपॉयरी दवाएं मिलने की वजह से सुर्खियों में रहा था। अब फिर से ग्लूकोज में फंगस मिलने का मामला सामने आया है।
बोतलों को वेयर हाउस में भेज दिया गया वापस
बताया जा रहा है कि रिंगर लैक्टेट यानी आरएल सॉल्यूशन वाली ग्लूकोज की पेटियां अस्पतालों तक पहुंच गई थी। कर्मचारी ने एक पेटी खोली तो उसमें से निकली बोतलों में फंगस मिली। इसके बाद सभी पेटी खोलकर जांच हुई। जो बोतलें अस्पताल को मिली थीं। उन सभी में फंगस मिली। फंगस वाली बोतलों के बारे में सीएमएस और ड्रग वेयर हाउस को सूचना दी गई। दोपहर बाद सभी बोतलों को वेयर हाउस में वापस भेज दिया गया।
जांच के दिए गए निर्देश: सीएमओ
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि ग्लूकोज की बोतल में फंगस मिलने संंबंधी जांच कराई जाएगी। इस संबंध में संयुक्त अस्पताल के सीएमएस को कहा गया है। ग्लूकोज की बोतल किस कंपनी से आईं, उसका बैच नंबर आदि की जानकारी लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
डॉक्टरों की मानें तो ग्लूकोज चढ़ने के बाद मरीजों की परेशानी बढ़ सकती थी। यह सीधे मरीज के खून में पहुंचती। यह ग्लूकोज उल्टी-दस्त, हैजा जैसे संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए उपयोगी होती है। ग्लूकोज में फंगस का कारण बोतल खुली हो या फिर उसकी पैकिंग ठीक प्रकार से नहीं होना भी हो सकता है।
Updated on:
25 Mar 2023 05:06 pm
Published on:
25 Mar 2023 05:01 pm
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