
tips for a safe deepavali 2018
गाजियाबाद। दिवाली (diwali) 2018 में अब केवल तीन हफ्ते बचे हैं। इस बार दिवाली या दीपावली (diwali) 7 नवंबर 2018 को पड़ रही है। ऐसे में इतना कम समय बचने पर लोगों को पटाखाें को लेकर फैसले का इंतजार है। पिछली बार तो दिवाली (diwali) बिना पटाखों के ही मनानी पड़ी थी। इसको लेकर मामला सुप्रीम काेर्ट (Supreme Court) में चल रहा है। वहीं, इससे पहले एक ऐसा फरमान आया है, जिसके बाद इस बार भी दिवाली (diwali) 2018 बिना धूम-धड़ाके के मनाने की संभावना जताई जा रही है।
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बढ़ने लगा वायु प्रदूषण का स्तर
दरअसल, मौसम में ठंडक का एहसान होने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भ्ी बढ़ने लगा है। इसकी एक वजह पराली भी बताई जाती है। इसको देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर से 15 मार्च तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू कर दिया गया है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण की ओर से यह निर्देश दिए गए हैं।
बंद किए जा सकते हैं स्कूल भी
आपको बता दें कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत अगर वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ता है तो कई कदम उठाए जा सकते हैं। अगर स्थिति और खराब होती है तो स्कूल-कॉलेज तक बंद किए जा सकते हैं। वहीं, ग्रेप लागू हाेने के बाद माना जा रहा है कि इस बार भी दिल्ली-एनसीआर में पटाखे फोड़ने पर बैन लगा रहेगा। हांलाकि, अभी सुप्रीम कोर्ट को इस पर फैसला सुनाना है। पटाखा कारोबारियों की तरफ से इसकी पैरवी की जा रही है।
इन पर है प्रतिबंध
वहीं ग्रेड लागू हाेने के बाद ईंट-भट्ठों सहित जनरेटर सेट बंद रखे जाएंगे। इस अवधि में कूड़ा जलाने पर कठोर प्रतिबंध, ईंट-भट्ठों को बंद करना, मशीनों द्वारा सड़कों की सफाई करना शामिल हैं। आपको बता दें कि पिछले साल स्मॉग बहुत अधिक होने की वजह से गाजियाबाद व एनसीआर में कई दिन तक धुंध छाई रही थी।
Published on:
15 Oct 2018 12:07 pm
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