
दिल्ली-NCR में धूल के गुबार का सामने आया पाक कनेक्शन, 3 दिनों तक नहीं मिलेगी राहत, ये है वजह
गाजियाबाद. दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। धूल भरी आंधी की वजह से दिल्ली और एनसीआर पूरी तरह बदली हुुुई नजर आ रही है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एयर क्वालिटी गंभीर स्तर तक खराब हो चुकी है। धूल की वजह से हवा में बड़े कणों की मात्रा भी बढ़ गई है। हवा में धूल कणों की अधिकता की वजह से लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। सांस के मरीजों के लिए ये हालात बेहद ही खराब है। आसमान में धूल का गुबार छाने की वजह से विजिबिलिटी भी कम हो गई है। इस वक्त राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके इस खतरनाक धूल की आगोश में हैं। दरअसल, इसकी वजह पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान और राजस्थान में तेज गर्मी और आंधी की वजह से वहां से उठने वाला धूल का गुबार दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर छा गया है। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि राजस्थान और ब्लूचिस्तान से चल रही गर्म हवाओं के साथ धूल करीब 40 किमी प्रति घंटे की गति से दिल्ली और एनसीआर में आ रही है। चूंकि यहां की मौसम में भी नमी नहीं है, इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिनों तक बना रहेगा। वहीं, सफर इंडिया ने कहा है कि धूल भरी हवाओं ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अगले तीन दिनों धूल का गुबार बरकरार रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने इन दिनों दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने को अस्वाभाविक बताते हुए कहा कि इसकी मुख्य वजह राजस्थान में आने वाली धूल भरी आंधी है।इसी वजह सेदिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से हवा में मिले धूलकण जमीन से कुछ ऊंचाई पर जमा हो जाते हैं। मौसम विशेषज्ञों की राय में इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहे राजस्थान में तापमान की अधिकता के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हवाओं के कारण धूल भरी आंधी का असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में धूलकणों के वायुमंडल में संघनित होने के रूप में दिखई दे रहा है। 10 से 12 जून के बीच राजस्थान की धूल भरी आंधी का रुख दिल्ली की ओर रहा, जिसकी वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। दिल्ली एनसीआर में बिगड़ते मौसम को देखते हुए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य इकाई के माध्यम से स्थानीय निकायों और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियों से लगातार पानी का छिड़काव करने को कहा है, जिससे धूल को उड़ने से रोका जा सके।
हालांकि, गुरुवार को हालात बुधवार से बेहतर दिखाई दिए, लेकिन अब भी हवा की गुणवत्ता सांस लेने लायक नहीं है। आपको बता दें कि बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से आई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर इलाके में पीएम 10 का स्तर 778 पर अत्यंत गंभीर से ऊपर था। दिल्ली में यह विशेषकर 824 पर था। इसी कारण धुंध की स्थिति बनी हुई थी, जिसका असर विजिबिलिटी पर भी पड़ा।
उत्तर प्रदेश में 10 की मौत
बुधवार को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली। इस आंधी में 10 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 3 लोग गोंडा, एक फैजाबाद और 6 लोग सीतापुर के शामिल हैं।
Published on:
14 Jun 2018 12:38 pm
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