
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में सैकड़ों किसान लगातार गाजियाबाद के यूपी गेट पर धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं आठ दिसंबर को किसानों ने भारत बंद का भी ऐलान किया था। जिसका मुलाजुला ही असर देखने को मिला। 6 बार सरकार और किसानों के बीच सामंजस्य बैठाने का प्रयास किया गया है। लेकिन सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव को किसानों ने ठुकरा दिया है। अब किसानों की लगातार हो रही बैठकों के बाद हल नहीं निकलने से वह दोबारा से आंदोलन को तेज करने और भीड़ जुटाने में लग गए हैं। उधर, यह भी जानकारी मिल रही है कि आम आदमी पार्टी किसान नेताओं से लगातार संपर्क बना रही है। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस ने दोबारा से तेज होने वाले इस आंदोलन को लेकर पूरी तैयारी कर ली है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से किसानों व युवाओं को बुलाया गया है। वहीं इसके लिए किसान सगठनों के साथ अलग-अलग दलों के किसानों को आगे करने की योजना बन चुकी है। बताया जा रहा है कि किसान अब 12 दिसंबर को हाइवे और टोल प्लाजा बाधित करेंगे। वहीं 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों व सड़कों पर प्रदर्शन किया जाएगा। किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों को रोकने के लिए सरकार जितने प्रयास करेगी, किसान उतनी ही ताकत के साथ सड़कों पर उतरेगा। सरकार और किसानों में लगातार बैठकों के बाद जब कोई हल नहीं निकल रहा है तो तो अब अपना गांव अपनी सड़क फॉर्मूले पर ही चला जाएगा।
इस पूरे मामले में एडीएम सिटी शैलेंद्रसिंह ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं एसपी सिटी व सीओ अवनीश कुमार ने कहा है कि प्रदर्शन की सूचना के बाद जिला मुख्यालय व हाइवे पर सुरक्षा का प्लान बना लिया गया है। किसानों से लेकर अन्य संगठनों पर खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। किसानों को सड़कों पर कानून व्यवस्था को हाथ में नहीं लेना दिया जाएगा। वहीं जिले के सभी थानाक्षेत्रों में किसानों के आंदोलन को लेकर अलर्ट पूर्व की तरह जारी रहेगा।
Published on:
10 Dec 2020 10:18 am
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