
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा लागू की गई नई आबकारी नीति के तहत गाजियाबाद जिले में पहला होम बार का लाइसेंस जारी किया गया है। इस अवसर पर जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यह लाइसेंस मुरादनगर के एक कारोबारी द्वारा लिया गया है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस लेने वाले व्यक्ति को घर पर विभिन्न ब्रांड की 84 बोतलें रखने की छूट मिलेगी। साथ ही उसके पास वयस्क स्वजन, दोस्त और मित्रों को निशुल्क शराब पिलाने की स्वीकृति होगी।
इतना है लाइसेंस का शुल्क
आपको बता दें कि होम बार लाइसेंस की शुल्क 11 हजार रुपये है। इसके लिए 25 हजार रुपये जमानत राशि जमा करनी पड़ती है। वहीं जिले में शराब की 509 दुकान और 30 बार के लाइसेंस हैं।
बैठक में लिया गया फैसला
दरअसल दिल्ली में सस्ती व एक पर एक फ्री शराब मिलने से गाजियाबाद और नोएडा में शराब की तस्करी बढ़ गई है। जिसे रोकने के लिए गुरुवार को दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अधिकारियों की हुई बैठक हुई। बैठक में तय किया गया है कि बार्डर की शराब की दुकानों पर एक पेटी से अधिक शराब किसी को नहीं दी जाएगी। इसके लिए गाजियाबाद बार्डर की तरफ की दो दर्जन शराब की दुकानों पर निगरानी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
यह हुआ है बदलाव
उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों के बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
Published on:
20 May 2022 11:00 am
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