
गाजियाबाद। पिछले साल नवंबर (November) में गाजियाबाद (Ghaziabad) समेत एनसीआर (NCR) के स्कूल कुछ दिन के लिए बंद करने पड़े थे। इतना ही नहीं हेल्थ इमरजेंसी तक लागू कर दी गई थी। निर्माण कार्यों पर रोक लग गई थी। इसकी वजह गाजियाबाद समेत एनसीआर की हवा रही। उस समय यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1500 से पार हो गया था। नोएडा (Noida) की हालत तो और भी खराब हो गई थी। जनवरी (January) और फरवरी (Fabruary) में भी गाजियाबाद व नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में था। मतलब यहां की हवा लोगों के लिए जानलेवा बन गई थी लेकिन आज हालत यह है कि गाजियाबाद की हवा बिल्कुल साफ है।
यह था हाल
दिवाली के बाद नवंबर में गाजियाबाद की हवा ऐसी थी कि बुजुर्गों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई थी। वातावरण में धुंध छाई रहती थी। प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया था कि नवंबर में स्कूल तक बंद करने पड़ गए थे। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट को भी दखल देना पड़ा था। परिणाम स्वरूप कई फैक्ट्रियों पर कार्रवाई हुई थी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सीज कर दिया गया था। नवंबर के बाद दिसंबर बीता। नया साल आया लेकिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर बना रहा। जनवरी में बारिश के बाद पोल्यूशन कुछ कम हुआ लेकिन बाद में फिर वहीं स्थिति बन गई। इस बीच गाजियाबाद कई बार प्रदूषण के मामले में देश में टॉप पर रहा।
अब 100 से कम है एक्यूआई
22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू से पहले तक जिले की हालत काफी खराब रही। 21 मार्च को गाजियाबाद का एक्यूआई 169 था, जो रेड जोन में था। इसके बाद 22, 23 और 24 मार्च को भी जनपद रेड जोन में रहा। 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लागू हो गया। इससे एक्यूआई सुधरा और गाजियाबाद आॅरेंज जोन में आ गया। 25 मार्च को गाजियाबाद का एक्यूआई 101 था। 27 मार्च को एक्यूआई 61 हो गया और जिला ग्रीन जोन में आ गया। इस समय गाजियाबाद में प्रदूषण स्तर काफी कम है और जिले की हवा हेल्दी की श्रेणी में है।
गाजियाबाद का एक्यूआई
21 March- 169 (Red)
22 March- 170
23 March- 156
24 March- 166
25 March- 101 (Orange)
26 March- 122 (Orange)
27 Mrach- 61 (Green)
28 March- 67
29 March- 66
30 March- 86
31 March- 105 (Orange)
1 April-99
2 April- 82
3 April- 44 (Green)
Updated on:
03 Apr 2020 04:04 pm
Published on:
03 Apr 2020 04:02 pm
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