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गाजियाबाद. जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को खत लिखकर समर वेकेशन की घोषणा करने की अपील की है। गाजियाबाद जिला अधिकारी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के मुताबिक डीएम अजय शंकर पांडे ने दर्जनभर छात्रों से टेलीफोन के जरिए बात की और उनकी समस्याओं को जाना। इसके साथ ही पेरेंट्स और अभिभावक संघ से जुड़े पदाधिकारियों से भी जिलाधिकारी ने फोन पर बात की, जिसमें सभी ने कहा कि ऑनलाइन क्लासेज से बच्चों के लिए ठीक नहीं है। इस वजह से डीएम ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखकर अभी से समर वेकेशन घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि लॉकडाउन खत्म होते ही समर वेकेशन न कर स्कूलों को खोल दिया जाए।
दरअसल, जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने सरकार के आदेश पर चलाई जा रही ऑनलाइन क्लासेज की जानकारी लेने के लिए स्टूडेंट्स और अभिभावकों से फोन पर बात की है। इस दौरान जो बात सामने आई उसके मुताबिक ऑनलाइन क्लास के दौरान छात्रों को रोजाना 4 से 5 घंटे कंप्यूटर पर ध्यान लगाना पड़ता है। कुछ शिकायतें ऐसी भी आई, जिसमें कहा गया कि बच्चों की आंखों में चुभन और सिर दर्द की समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा छोटे बच्चे बिना अपने माता-पिता की सहायता से कंप्यूटर ऑपरेट नहीं कर पाते हैं। इसलिए उनको भी बच्चों के साथ 4 से 5 घंटे बैठना पड़ रहा है। इस कारण से कई पेरेंट्स घर पर होते हुए भी अपना काम करने के चलते बच्चों की मदद नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण से बच्चों पर बेवजह दबाव बढ़ रहा है।
अभिभावकों के वर्क फ्रॉम होम और बच्चों की ऑनलाइन क्लास होने के चलते इंटरनेट की स्पीड भी तेज नहीं मिलती है। साथ ही टीचरों के ऑनलाइन क्लास लेने के चलते घर का काम भी करना पड़ता है। इन सभी बिंदुओं को जिलाधिकारी गाजियाबाद में पत्र में लिखकर भेजा है। उन्होंने सलाह दी है इस समय समर वेकेशन घोषित कर दिया जाए। इसके साथ ही यह भी सलाह दी कि जब लॉकडाउन खत्म हो तो समर वेकेशन नहीं करते हुए स्कूल खोल दिया जाए। बता दें कि शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश ने क्लास 6 से लेकर 12वीं तक के बच्चों को पढ़ने के लिए 20 अप्रैल से ऑनलाइन क्लास के निर्देश दिए थे। इसमें उत्तर प्रदेश शासन के सभी राज्य सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूल शामिल थे।
Published on:
30 Apr 2020 10:20 am

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