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गाजियाबाद में हैं 900 से अधिक हिस्ट्रीशीटर, देखें ये आंकड़ें

उत्तर प्रदेश में अब एनसीआर का गाजियाबाद क्राइम सिटी बन चुका है। ये हम नहीं बल्कि सरकारी आंकड़े बता रहे हैं।

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Ghaziabad History-sheeter

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में अब एनसीआर का गाजियाबाद क्राइम सिटी बन चुका है। ये हम नहीं बल्कि सरकारी आंकड़े बता रहे हैं। इन पर गौर करें तो गाजियाबाद जनपद के 16 थानों में 927 हिस्ट्रीशीटर दर्ज है। इन मामलों में शहरी क्षेत्र में कोतवाली घंटाघर और विजयनगर थाने का दबदबा बना हुआ है। वहीं बार्डर से सटे थाने में सिर्फ 17 केस दर्ज हैं। अगर बात देहात क्षेत्र की जाए तो यहां मुरादनगर और लोनी टॉप पर चल रहे हैं। वहीं निवाड़ी में सबसे कम मामले दर्ज है। जनपद में क्राइम कंट्रोल किए जाने को लेकर पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें लगातार अपराधियों पर रोक लगाने का काम कर रही है।

शहर के थानों का रिपोर्ट कार्ड

गाजियाबाद जनपद के शहरी थानों के रिपार्ट कार्ड पर एक नजर डाली जाए तो कोतवाली घंटाघर में 88 मामले, थाना सिहानी गेट में 56 मामले, थाना कविनगर में 66 मामले, थाना विजयनगर में 85 मामले, थाना साहिबाबाद में 62 मामले, थाना लिंक रोड में 14 मामले, थाना इंदिरापुरम में 27 मामले, थाना खोड़ा में 30 मामले अब तक दर्ज किए गए हैं।

देहात थाने का हाल एक नजर में देखें

जिले के देहात क्षेत्र में थाना मसूरी में 66, थाना मुरादनगर में 89, थाना मोदीनगर में 70, थाना भोजपुर में 65, थाना निवाड़ी में 63, थाना लोनी में 86, थाना लोनी बॉर्डर में 38, ट्रोनिका सिटी में 17 मामले रजिस्टर है।

पुलिस की टीमें मुस्तैदी के साथ में काम कर रही

एसपी सिटी आकाश तोमर के मुताबिक सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें मुस्तैदी के साथ में काम कर रही है। हाल ही में विजयनगर और मुरादनगर से भी 12-12 हजार रुपये के ईनामी को दबोचा गया है। सभी के खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं, आगे भी इसी तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के लोगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए लगातार पुलिस अपने स्तर पर काम कर रही है।