बता दें कि राजनगर आरडीसी स्थित एक नामी कंपनी गोल्ड लोन देती है। तीन माह पूर्व रवि नाम के एक व्यक्ति ने सोने के जेवर गिरवी रखकर 1.18 लाख रुपये का लोन लिया था। कंपनी के एजेंटों ने जांच की तो जेवर सोने के ही थे। तीन माह तक जब कंपनी को ब्याज नहीं मिला तो सोने की जांच कराई गई। इसमें ऊपरी परत सोने की निकली, जबकि भीतरी परत किसी अन्य धातु की। इसके बाद जब लोन लेने वाले के दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वह भी फर्जी पाए गए। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने थाने में तहरीर दी है।