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Elon Musk का दावा, चंद्रमा से पृथ्वी की तुलना में 1,000 गुना अधिक AI कंप्यूटिंग संभव

SpaceX IPO: शुक्रवार को स्पेसएक्स का IPO लॉन्च होने से पहले Elon Musk ने जेपीमॉर्गन मुख्यालय में निवेशकों से बात करते हुए कहा कि पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा पर AI कंप्यूटिंग क्षमता का विकास करना ज्यादा आसान है।

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Elon Musk

एलन मस्क का मानना है कि चंद्रमा पर एआई डेटा सेंटर बनाना काफी फायदेमंद है। (Photo-IANS)

AI Computing: एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली बात बताई है। स्पेसएक्स के IPO से पहले निवेशकों को संबोधित करते हुए मस्क ने दावा किया कि पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा पर 1,000 गुना अधिक AI कंप्यूटिंग क्षमता विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में चंद्रमा से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेलगन की मदद से AI डेटा सेंटरों को सीधे गहरे अंतरिक्ष में भेजा जा सकेगा, जिससे AI विस्तार की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

क्या है चंद्रमा और पृथ्वी की AI क्षमता?

मस्क के मुताबिक पृथ्वी से सालाना लगभग 1 टेरावाट AI कंप्यूटिंग क्षमता बनाई जा सकती है। वहीं, चंद्रमा से यह 1,000 टेरावाट या उससे अधिक तक पहुंच सकती है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि उनके मुताबिक पृथ्वी पर ऊर्जा और बुनियादी ढांचे की सीमाएं AI कंप्यूटिंग क्षमता के विस्तार में बाधा बनती है, जबकि चंद्रमा पर ऐसा नहीं है।

चंद्रमा पर एआई तेज क्यों काम कर सकता है?

चंद्रमा का वातावरण रहित होना इसकी सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में छठा हिस्सा है। इसलिए भारी उपकरणों को अंतरिक्ष में भेजना आसान है। इसके साथ ही वहां ऊर्जा विस्तार पृथ्वी की तुलना में आसान है। क्योंकि वहां विशाल सोलर सिस्टम लगाए जा सकते हैं और इसके लिए किसी तरह का स्थानिय विरोध भी नहीं होगा।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेलगन क्या होती है?

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेलगन एक ऐसी तकनीक है जो बारूद या रॉकेट इंजन की जगह विद्युत चुंबकीय बल (Electromagnetic Force) का उपयोग करके किसी वस्तु को बहुत तेज गति से आगे की ओर फेंकती है। मस्क ने कहा है कि चंद्रमा पर कम गुरुत्वाकर्षण और बिना वायुमंडल की स्थिति में विशाल एआई डेटा सेंटर मॉड्यूल या उपकरणों को रॉकेट के बजाय ऐसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एक्सेलरेटर से गहरे अंतरिक्ष की ओर भेजा जा सकता है।

75 बिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी

शुक्रवार को स्पेस एक्स का IPO लॉन्च होने से पहले निवेशकों से बात करते हुए मस्क ने यह दावा किया है। कंपनी इस IPO के जरिए 75 बिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी कर रही है। यह दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा स्टारलिंक के विकास में लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक इंटरनेट कवरेज को बढ़ाया जा सके।