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यूपी के इस शहर में पहली बार लगा विमानों में लगने वाला टॉयलेट, इन खूबियों से है लैस

गाजियाबाद नगर निगम अब शहर में भी लगाने जा रहा विमान और शताब्दी-राजधानी जैसे ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले बायो-टॉयलेट

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यूपी के इस शहर में पहली बार लगा विमानों में लगने वाला टॉयलेट, इन खूबियों से है लैस

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद नगर निगम अब न सिर्फ खुले में शौचमुक्त होगा, बल्कि बायों टॉयलेट से सजेगा। यानी जो टॉयलेट विमानों और शताब्दी-राजधानी जैसे ट्रेनों में इस्तेमाल होते हैं, उसी तरह का चॉयलेट शहर में जगह-जगह लगाए जाएंगे। यानी इस तरह का टॉइलेट लगाने वाला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। खास बात ये है कि ईको-फ्रेंडली तकनीकी पर आधारित इस बॉयो-टॉचलेट के वेस्टेज को डिस्पोजल करने में पानी भी बर्बादी नहीं होती है। इसके टैंक में बैक्टिरिया डाला जाता है, जो वेस्ट को डिस्पोजल कर उसे पानी में बदल देता है।

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गाजियाबाद नगर निगम 10 ऐसे टॉइलेट खरीदे हैं, जो आमतौर पर विमानों और शताब्दि-राजधानी जैसे ट्रेनों में लगाए जाते हैं। अभी मात्र दो टॉचलेट निगम के पास पहुंचे हैं। इसके अलावा आठ टॉइलेट एक-दो महीने में आ जाएंगे। गौरतलब है कि निगम ने एक एक्सपर्ट कंपनी से इसे डिजाइन कराया है। प्रत्येक शौचालय की कीमत करीब सवा छह लाख रुपये बताई जा रही है। एक मोबाइल शौचालय में दस सीट हैं। इसे उन जगहों पर लगाया जाएगा, जहां लोग खुले में शौच जाते हैं। हालांकि, नगर निगम एक वर्ष पहले ही खुले में शौचमुक्त करार दिया जा चुका है। बावजूद इसके अब भी गाजियाबाद में ऐसे 13 स्थान चिंहित किए गए हैं, जो खुले में शौच संभावित एरिया है। ऐसे इलाके में निगम मोबाइल शौचालय लगाने की प्लानिंग लंबे समय से कर रहा था। मगर रख-रखाव और पानी की बर्बादी की समस्या सामने आ रही थी। इस संबंध में नगर आयुक्त सीपी सिंह ने बताया कि यह सभी ईको-फ्रेंडली तकनीक पर आधारित शौचालय है। नगर निगम ने एक कंपनी की सलाह पर बॉयो-टॉइलेट खरीदे हैं। इन शौचालयों में पानी के टैंक की जरूरत नहीं होती है।