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Ghaziabad News: गाजियाबाद धर्मान्तरण केस के मास्टरमाइंड बद्दो का आया पाकिस्तानी कनेक्शन

Ghaziabad News: शाहनवाज उर्फ बद्दो को थाना कविनगर पुलिस ने 11 मई को महाराष्ट्र के अलीबाग से गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। धर्मान्तरण मामले में गिरफ्तार हुआ था बद्दो।

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shahnawaz arrested

Ghaziabad Conversion Case: शाहनवाज उर्फ बद्दो को थाना कविनगर पुलिस ने 11 मई को महाराष्ट्र के अलीबाग से गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मामले में 30 मई गाजियाबाद के कविनगर में धर्मान्तरण का केस दर्ज कराया गया था। बद्दो के पाकिस्तान कनेक्शन की बात सामने आई थी। पुलिस ने उसे 14 दिन न्यायायिक हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। जिसमें हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को बद्दो के मोबाइल से बहुत सारी जरूरी डिटेल मिली है।


7 घंटे की पूछताछ, मिले 30 पाकिस्तानी मोबाइल नंबर


गाजियाबाद पुलिस ने 13 जून को ATS और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर 7 घंटे से ज्यादा शाहनवाज उर्फ बद्दो से पूछताछ की। पुलिस को पाकिस्तान की ई-मेल आईडी के बारे में जानकारी मिली। आरोपी के फोन से 30 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं। बद्दो की पीओके में रहने वाले युवक के साथ हुई मोबाइल चैट भी पुलिस ने बरामद की है। इतना ही नहीं लाहौर के रहने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मी की आईडी भी पुलिस को बद्दो के पास से बरामद हुई है।

नाबालिग को किए 300 कॉल

बद्दो से पूछताछ में सामने आया की गाजियाबाद के राजनगर के रहने वाले नाबालिग बच्चे के साथं 350 से ज्यादा बार बातचीत हुई। इसको लेकर अब पुलिस बद्दो का लैपटॉप और मोबाइल का डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है।

11 मई को ही हो गया था गिरफ्तार

शाहनवाज उर्फ़ बद्दो को थाना कवीनगर की पुलिस ने 11 मई को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद वो 14 दिन की न्यायिक हिरासत में था। इस मामले मई 30 को थाना कविनगर में धर्मान्तरण का केस दर्ज कराया गया था।

सिम ट्रैकिंग से पकड़ा गया था बद्दो


शाहनवाज के महाराष्ट्र के रायगढ़ में होने की जानकारी उसके नए सिम के जरिये हुई। ठाणे पुलिस को जानकारी हुई थी की शाहनवाज ने नया सिम कार्ड लिया है और उसी का इस्तेमाल कर रहा है। नए सिम की जानकारी निकाली तो पता चला की उसका लोकेशन रायगढ़ के अलीबाग में है। जिसके बाद ठाणे पुलिस की दो टीमें 10 जून की रात अलीबाग के लिए रवाना हुई। सुबह 3 बजे से लेकर सुबह 11:30 बजे तक ठाणे पुलिस ने अलीबाग के कई लॉज और कॉलेज को खंगाला। इसी दौरान उसका भाई और वो दोनों पकड़े गए,जो नाम बदलकर लॉज में रह रहा था।

सिम देने वाले भी हुए थे गिरफ्तार

शाहनवाज ने ऑनलाइन गेम पर फर्जी आईडी बनाने और उसका इस्तेमाल करने के लिए दो लड़कों से सिम लिया था। पुलिस ने शाहनवाज के भाई को सिम कार्ड देने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी परे दोनों व्यक्ति के पिता कैमरे के आगे रोते हुए माफी मांगते नजर आए।

गाजियाबाद में हुआ खुलासा


बीतें दिनों गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग एप्लीकेशन के जरिए धर्मान्तरण मामला सामने आया था। इसमें शाहनवाज खान और गाजियाबाद की एक मस्जिद के मौलवी के खिलाफ अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसका बेटा एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जारिए बद्दो के संपर्क में आया और अक्सर उससे बातें करता था। जिससे उसका झुकाव इस्लाम अपनाने की ओर हो गया। लड़के ने अपने पिता को बताया था कि बद्दो के कहने पर उसने इस्लाम कुबूल कर लिया है। इस मामले में मुंबई पुलिस और गाजियाबाद पुलिस ने मिलकर शाहनवाज को गिरफ्तार किया। शाहनवाज पर लड़के का जबरन धर्म बदलवाने का आरोप है।

बच्चों को इस्लाम की जानकारी देता था बद्दो

गिरफ़्तारी के बाद उसने बताया कि फोर्टनाईट गेमिंग ऐप के जरिए 2021 में दोनों की जान पहचान हुई थी। फिर फोन पर भी बात करने लगे। इसके बाद दोनों ने फोर्टनाईट पर गेम खेलना बंद कर दिया। फिर 2021 के दिसंबर में दोनों ने वैलोरंट गेम के जरिए फिर खेलना शुरू किया। डिस्कॉर्ड एप पर शाहनवाज की अच्छी रैंकिंग की वजह लड़के उससे आकर्षित होते और उससे चैट करते थे। इसी दौरान शाहनवाज ने लड़कों को चैट में ही इस्लाम धर्म से जुड़ने के फायदे बताए।

‘कुरान पढ़ेगा तभी जीतेगा’

शाहनवाज सारा काम बड़ी चालाकी से करता था। पहले बच्चों के साथ ऑनलाइन गेम खेलना फिर चैटिंग एप के जरिए इस्लाम के फायदे बताना। आरोपी हिन्दू नामों से आईडी बनाते और ‘फोर्टनाईट’ गेम खेलने के लिए बच्चों को उकसाते थे। इनका असली काम तब होता था जब बच्चे गेम हार जाते थे। गेम हारने के बाद बच्चे से कहा जाता था कि वो कुरान की आयत पढ़े जिससे वो गेम जीत जायेगा। इसके बाद जब बच्चा गेम खेलता तो उसे साजिश के तहत जीता दिया जाता था। इस तरह बच्चों का विश्वास जीतकर उन्हें इस्लाम की ओर आकर्षित किया जाता था।

ये स्टोरी मिश्रा राजीवरंजन ने लिखी है। राजीव पत्रिका उत्तर प्रदेश के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं।