1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Exclusive- वाहवाही पाने के लिए गाजियाबाद के अधिकारियों ने कर दिए फर्जी दावे

सत्यापन में सामने आई ओडीएफ के दावे की हकीकत, खुले में शौच मुक्त नहीं हैं गाजियाबाद के 25 फीसदी गांव

2 min read
Google source verification
ghaziabad news

ghaziabad news

वैभव शर्मा, गाजियाबाद। हॉट सिटी को स्मार्ट बनाने के फेर में अब नौकरशाह कागजी कार्रवाई के जरिए जनपद के डेवलपमेंट का पेट भरने में लगे हुए हैं। योगी सरकार तक वाहवाही पहुंचने के लिए जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर जब इसका सत्यापन किया गया तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ गई। निरीक्षण में सामने आया कि 25 फीसदी गांव अब भी खुले में शौच मुक्त नहीं हैं। इसके संबंध में जरूरी खामियों को निपटाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

मेरठ मंडल की टीम की पकड़ में आया झूठ

गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से जनपद को ओडीएफ घोषित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक मेरठ मंडल की टीम की तरफ से निरीक्षण किया जा रहा है। इसमें झूठ पकड़ में आ गया। गांव पंचायत के 25 प्रतिशत में अब भी काम बाकी है। इसकी रिपोर्ट को शासन को भेज दी जाएगी।

यूनिसेफ की टीम भी कर चुकी है जांच

जिले की ओर से ओडीएफ का सत्यापन करके मेरठ मंडल के उपनिदेशक पंचायत प्रवीणा चौधरी के पास रिपोर्ट भेज दी गई थी। अब मंडल की ओर से भी सत्यापन कराया जा रहा है। मेरठ मंडल की ओर से सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। हालांकि, यहां पर ओडीएफ घोषित गांव का जायजा राष्ट्रीय स्तर की टीम और यूनिसेफ की टीम भी ले चुकी है। इन टीमों ने ग्राम पंचायतों में और उसकी परिधि में खुले में शौच नहीं पाया। ग्राम पंचायत में गंदे पानी की निकासी की भी व्यवस्था की जा चुकी है। अब कचरा प्रबंधन पर काम चल रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी ने दिखाई गंभीरता

मंडल की टीम की तरफ से खामियों को मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से लिया है। सीडीओ रमेश रंजन ने बताया कि जिन खामियों के आधार पर ग्राम पंचायतों को फेल किया जा रहा है, उन्हें ठीक कराने के लिए लिए कहा गया है। फेल होने की वजह की जानकारी मांगी है।

Story Loader