
गाजियाबाद। जनता की सुनवाई नहीं करना दो सीओ और तीन थानेदारों को भारी पड़ गया। एसएसपी (SSP) ने उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसएसपी के ये तेवर देख बाकी पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई है।
14 में केस दर्ज करने को कहा कप्तान ने
गाजियाबाद (Ghaziabad) में एसएसपी का चार्ज संभालने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी (Kalanidhi Naithani) ने पारदर्शिता लाने के लिए कई प्रयोग किए हैं। साथ ही साइबर क्राइम (Cyber Crime) को फौरन थाने में दर्ज करने और पीड़ित की तहरीर पर बिना देरी किए कार्रवाई करने को कहा था। बीट पुलिसिंग लागू होने के बाद सभी थानों की पुलिस को सड़क पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अब जनता की शिकायतों में रुचि नहीं लेने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर इनकी निगाहें हैं। बुधवार को एसएसपी ने 73 शिकायतों पर सुनवाई के बाद 14 में केस दर्ज करने को कहा था।
इनको जारी किया नोटिस
इसमें पता चला कि सबसे ज्यादा शिकायतें सीओ सेकंड के कविनगर व सिहानी गेट और सीओ फोर्थ के साहिबाबाद थाने से संबंधित थीं। इसको लेकर एसएसपी ने सीओ सेकंड आतिश कुमार सिंह, सीओ फोर्थ आरके मिश्रा, कविनगर थाना प्रभारी मोहम्मद असलम, सिहानी गेट प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह और साहिबाबाद प्रभारी अनिल कुमार शाही को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस तरह से उन्होंने जनसुनवाई में रुचि नहीं लेने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को चेतावनी दी है। गाजियाबाद पुलिस ने इस कार्रवाई को अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट भी किया है।
Updated on:
23 Jan 2020 02:41 pm
Published on:
23 Jan 2020 02:40 pm
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