
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) में एसएसपी (SSP) के पीआरओ (PRO) के नंबर से एक व्हाट्सऐप ग्रुप (Whatsapp) पर कुछ मैसेज फॉरवर्ड होने के बाद हड़कंप मच गया। ये मैसेज एक न्यूज ग्रुप पर फॉरवर्ड हुए थे। इनमें गाजियाबाद में थानेदारों की ट्रांसफर व पोस्टिंग पर सवाल उठाए गए। ग्रुप पर भ्रष्टाचारियों को चार्ज देने का आरोप लगा। ये आरोप जिले के अधिकारियों पर लगाए गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैसेज
पीआरओ इंस्पेक्टर पंकज कुमार के नंबर से किए गए ये मैसेज गाजियाबाद में सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीआरओ पंकज कुमार ने ऐसे मैसेज का खंडन किया है।
रोक दिए गए थे ट्रांसफर
जनपद में 8 नवंबर सिहानी गेट (Sihani Gate), महिला थाने (Mahila Thana), नगर कोतवाली व ट्रानिका सिटी थाने के प्रभारी बदले गए थे। 9 नवंबर को अयोध्या मामले (Ayodhya Verdict) में फैसले की तिथि तय होने पर इस आदेश को फिलहाल रोक दिया गया था। सोमवार अपराह्न को एक न्यूज ग्रुप पर पीआरओ पंकज कुमार के मोबाइल नंबर से कुछ मैसेज फॉरवर्ड किए गए। इसमें ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सवाल खड़ा किए गए। इसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। इसका संज्ञान तत्काल प्रभाव से गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने लिया। अब यह पूरा मामला आईजी के संज्ञान में आ गया है। आईजी आलोक कुमार सिंह ने इस पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है।
यह कहा एसएसपी ने
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है, जिन भी थानेदारों को यहां पोस्ट किया गया है। उनकी चरित्र पंजिका में कोई भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। इसकी वजह से उन्हें चार्ज दिया गया है। केवल मेरी छवि खरब करने के लिए ये बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। मेरे पीआरओ ने इस तरह की कोई भी पोस्ट डालने से इंकार किया है। एसपी सिटी को इस मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कहा पीआरओ ने
वहीं, पीआरओ पंकज कुमार ने इस मैसेज का खंडन करते हुए कहा, सोशल मीडिया में जनपद गाजियाबाद में थानाध्यक्षों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के विषय मे एक मैसेज चल रहा है। इसमें मैं उस मैसेज का खंडन करता हूं। उक्त पोस्ट मेरे फोन पर वाट्सऐप से प्राप्त हुई थी। इसको मेरे द्वारा डिलीट किया जा रहा था, परंतु मैसेज टेक्निकली किसी अन्य ग्रुप में गलती से फॉरवर्ड हो गया। मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था। मेरे द्वारा की गई उक्त पोस्ट की कोई विश्वनीयता नहीं है। पोस्ट की साइबर सेल से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
13 Nov 2019 09:25 am
Published on:
13 Nov 2019 09:19 am

बड़ी खबरें
View Allगाज़ियाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
