
गाजियाबाद: कांवड़ मेले को लेकर जहां एक तरफ गाजियाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे भी कावड़ यात्रा की तैयारी में जुटा हुआ है। क्योंकि आधे से ज्यादा कांवड़िया रेल के माध्यम से ही आना-जाना करते हैं। जिसके तहत जीआरपी और आरपीएफ ने एक विशेष योजना तैयार की है। इस योजना के अंतर्गत करीब बारह जीआरपी पुलिस कर्मियों को इस तरह से तैयार किया जाएगा। ताकि वह भी देखने में कांवड़िया दिखाई दें। इन पुलिसकर्मियों को दाढ़ी मूछ रखने और कावड़ियों के भेष में ही रहने के लिए निर्देशित किया गया है। यह पुलिसकर्मी पूरी तरह से कावंड़ियों के भेष में ही दिखाई देंगे। दिन और रात की शिफ्ट में स्टेशन परिसर और स्टेशन के आसपास के अलावा ट्रेनों में भी तैनात रहेंगे। ताकि कावड़ियों के बीच रहकर हर तरह की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।खास बात यह है कि कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ आम यात्रियों की सहूलियत के बारे में भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता ने ये कहा
इसकी जानकारी देते हुए जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि कावड़ मेले में अधिकतर शिव भक्त जनरल कोच और कम दूरी वाली ट्रेनों में ही यात्रा करते हैं। कुछ ही शिव स्लीपर या एसी कोच में टिकट बुक कराते हैं। यदि रिजर्व सीट पर कांवड़ियों के बैठने की सूचना मिलती है। तो उनके साथ अच्छा व्यवहार करते हुए दर्द भाषा में ही अनुरोध कर बुकिंग कराने वाले यात्री को उसकी सीट दिलाए जाने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान बेहद शालीनता से ही यात्रियों और कावड़ियों के साथ व्यवहार किया जाए। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को पहले से ही निर्देशित कर दिया गया है।
गढ़ चौकी और गाजियाबाद जंक्शन संवेदनशील श्रेणी में
उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान गढ़ चौकी क्षेत्र और गाजियाबाद जंक्शन संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों जगह के लिए एक- एक प्लाटून पीएसी की भी मांग की गई है। इसके अलावा एस पी जीआरपी मुरादाबाद से भी 70 अतिरिक्त जवान मांगे गए हैं।ताकि जीआरपी क्षेत्र के पांचों हाल्ट पर भी ड्यूटी पर तैनात किया जा सके। उन्होंने बताया कि बहराल कावड़ यात्रा पर सुरक्षा को लेकर जीआरपी और आरपीएफ भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
Published on:
15 Jul 2022 04:43 pm
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