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इस सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने एक साथ की बीएड आैर पीएचडी, अब हार्इकोर्ट ने मांगा जवाब

हार्इकोर्ट ने प्रिंसिपल आैर विश्वविद्यालय से छह हफ्तें में मांगा जवाब

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वैभव शर्मा/गाजियाबाद।आप ने अब एक बार में एक ही कक्षा या डिग्री की बात तो सुनी होगी, लेकिन एक साथ दो डिग्री लेने के विषय में आपने सुना हो। एेसा ही एक मामला गाजियाबाद में सामने आया है। जहां गाजियाबाद में गाजियाबाद के सबसे पुराने इंटर कॉलेज एमएमएच इंटर कॉलेज में किसी टीचर नहीं बल्कि प्रिंसिपल द्वारा इस तरीके का कारनामा किये जाने का दावा किया गया है।दरअसल प्रिंसिपल ने पहले छठी से बारहवीं कक्षा बुलन्दशहर और गाजियाबाद से एक साथ पढ़ाई की। बाद में एक को कैसिंल करा दिया गया। इसी तरीके से बीएड और पीएचडी भी एक साथ ही कर डाली। जबकि विवि के नियमों के हिसाब से भी कोई स्टूडेंट एक साथ दो कोर्स की उपाधि नहीं ले सकता है। इस मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में अब हार्इकोर्ट ने सीसीएसयू और एमएमएच कॉलेज से छह हफ्ते के भीतर जबाव मांगा है। साथ ही प्रिंसिपल को तलब किया गया है।

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नियमों को ताक पर रखकर ली बीएड और पीएचडी की डिग्री

आरएल गुप्ता ने एमएमएचवी इंटर कालेज के प्रिंसिपल अवधेश कुमार के प्रमाण पत्रों के जाली होने की याचिका इलाहबाद हाईकोर्ट में दायर की।इसमें बताया गया कि अवधेश कुमार ने चौधरी चरण विश्वविद्यालय से एक साथ बीएड और पीएचडी की डिग्री ली हुई है। जबकि विश्वविद्यालय की नियमावली के अध्याय चार के हिसाब से एक साथ कोई भी स्टूडेंट दो उपाधि को नहीं ले सकता है। लेकिन आरोप है कि अवधेश कुमार ने विवि को गुमराह करने का काम किया। आरएल गुप्ता के मुताबिक इसी तरीके से एमएमच के प्रिंसिपल अवेधश कुमार ने छठी से लेकर बारहवीं तक बुलन्दशहर और गाजियाबाद से पढ़ाई की हुई है। 1987 से लेकर 1994 तक अवधेश कुमार ने गाजियाबाद के एसडी इंटर काॅलेज और बुलन्दशहर में अपने पिता के इंटर कालेज श्री जय सिंह इंटर काॅलेज पछलौता समेत तीन स्कूलों से 1987से 1993 के बीच में पढ़ाई की हुई है। विवादों में आने के बाद में बारहवीं की एक डिग्री को खुद अवधेश कुमार ने ये कहकर रद्द करा दिया कि नियमों की जानकारी नहीं थी।

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हार्इकोर्ट ने छह हफ्तों में मांगा जवाब

केस के वादी आरएल गुप्ता ने बताया कि इलाहबाद हाईकोर्ट की तरफ से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और प्रिंसिपल अवधेश कुमार को नोटिस जारी किया गया है। छह हफ्तों के भीतर इस बात को स्पष्ट करना होगा कि एक साथ दो डिग्री किस तरीके से दी गई है।


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