60 साल से अधिक सफर तय करने की वजह से हिंडन का पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका था। मरम्मत के अभाव में अब पुल के दूसरे स्पैम के बीम और स्लैब में दरार आ गई। इसके साथ ही जहां पर पिलर ज्वाइंट होते हैं, वो बियरिंग भी जाम हो गए हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सेतु निगम के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टरों ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका सीधा संकेत दोबारा से नए पुल के निर्माण कराए जाने पर है। 1956-57 में पीडब्लूएडी ने इसके ऊपरी हिस्से का निर्माण कराया था।