
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद। गाजीपुर-यूपी गेट पर किसानों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राकेश टिकैत के आह्वान पर कई हजार किसानों ने बॉर्डर पर डेरा डाल लिया है। वहीं किसान आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक सियासत भी होने लगी है। विपक्षी पार्टी व नेता लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध किसानों के समर्थन में उतरते नजर आ रहे हैं। इस कड़ी में कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा विधानसभा से इस्तीफा देने वाले अभय चौटाला बड़े काफिले के साथ शनिवार शाम यूपी गेट बॉर्डर पर पहुंचे और किसानों के आंदोलन को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि उन्होंने किसानों के हित में ही अपने विधायक पद से इस्तीफा दिया है।
अभय चौटाला ने कहा कि जिस वक्त उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को जाने की बात कही थी और गाजियाबाद पुलिस ने किसान नेता राकेश टिकैत को गिरफ्तार किए जाने की बात कही, उस वक्त राकेश टिकैत की आंखों में डर के आंसू नहीं थे, बल्कि वह गुस्से के आंसू भरे हुए थे। उन्होंने उन आंसुओं के जरिए गुस्सा अंदर ही लिया और उसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है कि किसान आंदोलन अब और तेज हो गया है। जिस वक्त कृषि कानून पास हुए तो उस समय कांग्रेस सदन से वाक आउट कर चुकी थी। उन्होंने खुद उस समय इस पर विरोध जताया। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है और अब दोबारा जब चुनाव होगा तो देखने वाला चुनाव होगा। तमाम किसान उनके समर्थन में हैं और अब यहां भी बड़ी संख्या में किसान समर्थन देने पहुंच रहे हैं।
निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर जो बताया गया था कि लोकल किसान या वहां के लोग पहुंचकर किसानों के धरने का विरोध कर रहे हैं, यह पूरी तरह गलत है। वहां जो उन्हें उठाने की मांग कर रहे थे, वह आरएसएस के आदमी थे। वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर भी धरने पर किसानों को उठाने के लिए भाजपा के विधायक अपने गुंडों के साथ पहुंचे थे। जिन्होंने साफ तौर पर कहा कि या तो पुलिस उठा दे या फिर हमें अवसर दे, हम इन्हें यहां से उठा कर रहेंगे। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को गुंडा मुक्त करने की बात कहते हैं तो वहीं उनके एक विधायक इतनी बड़ी संख्या में गुंडे लाकर शांति पूर्वक धरने पर बैठे किसानों को उठाने की बात करते हैं।
Published on:
31 Jan 2021 11:37 am
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