
गाजियाबाद। पीएनबी का स्कैम सामने आने के बाद में अब कोटेक महिन्द्रा बैंक और बाकि दूसरे बैंकों के घोटाले सामने आ रहे हैं। लेकिन एनसीआर के गाजियाबाद में नामी बैंको में इनसे पहले ही करोड़ों रूपये के घोटाले हो चुके हैं। इनमें आज तक भी किसी आरोपी को सजा नहीं हो पाई है। ये घोटाले किसी बैंक में एलओसी तो कहीं पर कम्प्यूटरों के आयात किए जाने के नाम पर किए गए।
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यूनियन बैंक में 2013 में हुआ था 250 करोड़ का घोटाला
गाजियाबाद में यूनियन बैंक में 2013 में फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए 250 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ था। जानकारों के मुताबिक जीटी रोड स्थित शाखा में फर्जी एलओसी के जरिए हापुड़ रोड स्थित फर्म रजत स्टील ने माल भेजने के एवज में छपरौला स्थित इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लिमिटेड से भुगतान लिया था। पंजाब नेशनल बैंक से जारी एलसी को यूनियन बैंक ने फर्जी करार दिया था। बैंक की तऱफ से आरोपियों के खिलाफ सीबीआई से मुकदमा दर्ज कराया गया था। सभी आरोपी अब जमानत पर बाहर चल रहे हैं।
लोन के नाम पर 13 करोड़ का घोटाला
इसी तरीके से वैशाली सेक्टर 4 में सिंडिकेट बैंक शाखा में फर्जी लोन के नाम पर 13 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ था। 2015-16 के बीच में ये घोटाला किया गया था। 2017 में सीबीआई ने केस दर्ज किय़ा था। गाजियाबाद शहर के प्रताप विहार इलाके में कई फर्मो को दिखाकर कई एकाउंट में रूपया ट्रांसफर कराया गया था।
255 की जगह मिला 15 लोगों को लोन
एक तरफ नीरव मोदी और रोटोमैक कंपनी के मालिक जैसे लोग बैकों को चूना लगा रहे है। वहीं गाजिय़ाबाद में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 255 में से 15 लोगों के आवेदन को ही मंजूर किया है।
Published on:
26 Feb 2018 05:32 pm
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