26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ghaziabad News: मुस्लिमों की तालीम पर मौलाना ने कही बड़ी बात, पढ़े पूरी खबर

Ghaziabad News: मुस्लिमों की जनसंख्या को लेकर जहां आज केंद्र ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। वहीं अब मुस्लिमों की तालीम को लेकर भी आवाजें उठने लगी है। मुस्लिमों की तालीम को लेकर मौलाना ने एक कार्यक्रम में बड़ी बात कही।

2 min read
Google source verification
Ghaziabad News: मुस्लिमों की तालीम पर मौलाना ने कही बड़ी बात, पढ़े पूरी खबर

मुस्लिमों की तालीम पर मौलाना ने कही बड़ी बात, पढ़े पूरी खबर

Ghaziabad News: बिना आधुनिक ज्ञान और ज्यादा तालीम प्राप्त किए मुस्लिमों का शेषण रूकना मुश्किल है। मुस्लिमों को तालीम से जोड़ने के लिए समाज के जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा। यह तभी संभव है जब मुसिलमों को उनका हक मिले वो अपने समाज और अपने हित के बारे में स्वयं सोंचे। ये बात आज एक मदरसे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कारी जहीर ने की। उन्होंने कहा कि बगदाद के खलीफा और कार्दोव अपनी प्रजा के बीच तालीम पर जोर दे रहे थे। जिससे 12 वर्ष तक के सभी लड़के और लड़कियां लिखना पढ़ना सीख जाएं तो ठीक उसी समय यूरोप में भी पढाई पर पूरा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अपने को पन्द्रवीं शताब्दी के बाद तक तालीम से दूर रखा। जिसके परिणाम स्वरूप वैश्विक दुनिया में उनका दबदबा खत्म हो गया।। इस्लामिक दुनिया के सभी हिस्सों में तालीम की उपेक्षा हुई।

मुसलमानों ने कविता, संगीत, आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। पूरी दुनिया के मुसलमानों की समझ में आ गया है कि बिना आधुनिक ज्ञान और ज्यादा तालीम प्राप्त किए उनका शोषण नहीं रुक सकता। अभी हाल ही में इस्लामिक दुनियों ने तालीम के तवज्जो को समझा है। इस दिशा में और तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इस्लामिक दुनिया में ज्ञान के सभी क्षेत्रों की उच्च तालीम पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वैश्विक साक्षरता दर (2017) 82 फीसद (पुरूष 87 फीसद, महिला 77 फीसद) है। फिर भी, भारतीय मुसलमानों को इसमें शामिल करते ही इसमें बहुत ज्यादा गिरावट है। भारतीय मुसलमानों में बराबर रूप से 30- 35 वर्ष के उम्र के नौजवानों की संख्या सबसे ज्यादा है।

यह भी पढ़ें : UP Weather IMD Alert: यूपी के इन जिलों का तापमान 40 के पार, भयावह खतरनाक श्रेणी में पहुंचा हीट इंडेक्स

भारतीय संविधान में सभी को तालीम प्राप्त करने का हक है। किसी भी शिक्षण संस्थान से तालीम प्राप्त करने के लिए मुस्लिम तथा हिन्दू बच्चे के बीच कोई भी भेदभाव नहीं है। किसी भी समुदाय के विकास के लिए तालीम एक बुनियादी जरूरत है और गरीबी के खात्मा तथा चुनौतीपूर्ण वक्त से पार पाने के लिए एक मजबूत समाज बनाने हेतु उच्च तालीम एक मजबूत आधार है। इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।