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निठारी कांड: एक और मामले में सुरेन्द्र कोली को मिली फांसी की सजा

फांसी की सजा सुनाये जाने पर कोली ने खोला अपना मुंह

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Rajkumar Pal

Dec 16, 2016

Surendra Koli

Surendra Koli

गाजियाबाद। नोएडा के बहुचर्चित निठारी केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने सातवें मामले में भी सुरेन्द्र कोली को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने धारा 302 के तहत मौत, 364 में दस साल, 376 और 511 में 10 साल, धारा 201 में सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोली के वकील दहिया की तरफ से अदालत में अर्जी दाखिल भी की गई जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।



सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछली सुनवाई में कोली को दोषी करार दे दिया था। इसके बात में कड़ी सुरक्षा के बीच में उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद में अदालत ने कोली को मौत की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद में पहली बार कोली के चेहरे पर चिंता की लकीर और परेशानी साफ नजर लगी।

दरअसल सातवें मामले में कोली ने एक 11 साल की नाबालिक लड़की को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इससे पहले छह मामलों में कोर्ट मौत का फरमान जारी कर चुकी है। सीबीआई वरिष्ठ लोक अभियोजक ने बताया कि भारत के इतिहास में अपने आप में पहला ऐसा मामला है जिसमें किसी एक आदमी को अलग-अलग मामले में सात बार फांसी की सजा हुई हो। अब तक केस ने जुड़े 9 मामले बाकि हैं। जिनमें कोली को लेकर फैसला आना बाकि है।


सात मामलों में फांसी सुनाई जाने के बाद शुक्रवार को पहली बार सुरेन्द्र कोली ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उसकी दलीलों को अदालत द्वारा सुना नहीं गया है। अपने बचाव की बात को अदालत ने अनसुना कर दिया। जो सीबीआई कह रही है सिर्फ उसी बात को सुनकर एकतरफा फैसला लिया गया है। इसी के चलते उसने मौत के कागजातों (फाइल) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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