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यूपी के इस Hi-tech शहर में पुलिस बल न मिलने से सड़कों पर हो रहा अतिक्रमण

अवर अभियंता की तरफ से दी गई आख्या में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस बल न मिलने की वजह से मामला टलता रहा।

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गाजियाबाद। महानगर गाजियाबाद का अतिक्रमण मुक्त होना अभी सपने के बराबर ही है, क्योंकि नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल नहीं मिल पा रहा है। डेढ़ महीने पहले आईजीआरएस के जरिए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई थी। इस मामले में निगम के अवर अभियंता की तरफ से दी गई आख्या में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस बल न मिलने की वजह से मामला टलता रहा। अब 26 मार्च 2018 को इस पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायकर्ता का आरोप है कि बिना शिकायत के सामाधान हुए ही इसे निस्तारित कर दिया गया।

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आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन सोनी ने बताया कि अम्बेडकर रोड पर नेहरू युवा केन्द्र के पास स्थित नेहरू सोसाइटी के सर्विस रोड पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है। इसकी वजह से कभी भी आमजन को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। मामले की शिकायत आईजीआरएस के जरिए कम्पलेन नम्बर 4001401709875 के जरिए मुख्यमंत्री से की गई।

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24 जनवरी 2018 और एक फरवरी 2018 को अतिक्रमण हटाने के लिए तारीख निर्धारित की गई। लेकिन हर बार पुलिस बल न मिलने की वजह से मामले को टाल दिया गया। इसके अलावा 12 मार्च को भी पुलिस बल न मिलने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया। अब फिर से अवर अभियंता की तरफ से 26 मार्च 2018 की तारीख अतिक्रमण हटाने के लिए तय की गई है।

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अवर अभियंता निगम योगेन्द्र ने बताया कि अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान पुलिस बल मांगा जाता है। ताकि विरोध होने की स्थिति में सचल दस्ते पर हमला न हो। इसके संबंध में थाने से बल मांगा गया था। जिसकी वजह से सारा मामला अटका हुआ था। अब जल्द ही 26 मार्च को अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा।