
जूस फैक्ट्री में सुनील राठी का खास करवाता था यह काम, पता चलते ही तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
गाजियाबाद. नोएडा के सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस ने छापेमारी कर गाजियाबाद से एक अवैध शराब की कंपनी का भड़ाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 15 हजार लीटर अवैध शराब और 4 आरोपियों को अरेस्ट किया है। यह कंपनी ट्रॉनिका सिटी थाने के पास में चल रही थी। गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी समेत चार को निलबिंत कर दिया है। यह कंपनी पिछले एक माह से चलाइ्र जा रही थी। लोगों का कहना है कि खोड़ा कॉलोनी में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना इसी साल हुई। उसके बाद भी पुलिस सबक लेने को तैयार नही है। लोगों ने गाजियाबाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए है।
थाने के पास चल रही थी शराब की कंपनी
ट्रॉनिका सिटी थाने से करीब 600 मीटर की दूरी पर अवैध शराब की कंपनी चलाई जा रही थी। ट्रॉनिक सिटी थाना पुलिस मामले अनभिज्ञ दिखाई दी। नोएडा पुलिस ने मंगलवार देर रात छापेमारी कर 15 हजार लीटर शराब बरामद की। नोएडा पुलिस ने मौके से 4 लोगों को हिरासत में लिया है। नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद में गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्ण एक्शन में आए। उन्होंंने लापरवाही को देखते हुए थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह, चौकी प्रभारी वंशनारायण राय और बीट कॉन्स्टेबल अरुण तरार को निलबिंत कर दिया है। एसएसपी की माने तो थाने के पास अवैध शराब की फैक्ट्री चलना गंभीर और इसकी जानकारी पुलिस को न होने बेहद लापरवाही भरा मामला है। इनके अलावा कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठा दी गई है।
ऐसे पहुंची पुलिस
नोएडा पुलिस ने सेक्टर-11 मदर डेयरी के पास से एक शराब तस्कर को अरेस्ट किया था। इसने पूछताछ में खुलासा किया था कि कंपनी गाजियाबाद में चल रही है। गौतमबुद्धनगर के एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने बताया कि यहां से नार्थ इंडिया में शराब की सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस की निगरानी में कंपनी चलने की आंशका
शराब की अवैध कंपनी का खुलासा होने पर आस-पास के लोग भी सख्ते में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कहीं पुलिस की निगरानी में तो कंपनी नहीं चलाई जा रही थी। दरअसल में थाने के पास पिछले 1 माह
से यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी। आरोप है कि पुलिस संरक्षण में कंपनी चलाई जा रही थी।
इनामी का आया नाम सामने
पुलिस ने गिरफ्तार किए 4 आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली की पटियाला जेल में बंद 10 लाख रुपये का इनामी अमित मलिक कंपनी को चलवा रहा था। यह सुनील राठी का करीबी भी माना जाता है। मूलरुप से मुजफ्फरनगर का रहने अमित मलिक जेल से ही पूरे नेटवर्क को आॅपरेट कर रहा था।
Published on:
27 Sept 2018 01:00 pm
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