पत्रिका अभियान : बिछड़े लोगों से अपनों से मिलाने का काम कर रहा प्रेरणा सेवा आश्रम

पत्रिका अभियान : बिछड़े लोगों से अपनों से मिलाने का काम कर रहा प्रेरणा सेवा आश्रम

Rahul Chauhan | Updated: 27 Mar 2018, 06:20:42 PM (IST) Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

संस्था सड़क पर असहाय और अपनों से किसी कारण भटके हुए लोगों को वापस अपनों से मिलाने का कार्य करती है।

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में प्रेरणा सेवा आश्रम नाम से एक ऐसी संस्था है जो सड़क पर असहाय और अपनों से किसी कारण भटके हुए लोगों को उनके अपनों से मिलाने का कार्य करती है। इतना ही नहीं, कुछ लोग जो ऐसी स्थिति में होते हैं जिनका इलाज कराना अनिवार्य है, संस्था द्वारा उनका पर्याप्त इलाज कराया जाता है व उनके खाने-पीने और रहने से लेकर दवाई तक का खर्चा भी जाता है।

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बिछडों को मिलाने का काम कर रही संस्था

कविनगर इलाके में चलाई जा रही प्रेरणा सेवा संघ आश्रम के नाम से इस संस्था के लोग जो बुजुर्ग युवा और बच्चे किसी कारणवश अपनों से दूर हो जाने के कारण सड़क के किनारे जीने को मजबूर हैं, उन लोगों को वहां से उठाकर सरकारी औपचारिकता पूरी करते हुए आश्रम में लाते हैं और उनका इलाज कराया जाता है। जिसके बाद उन्हें आश्रम में ही रखा जाता है।

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बीमार लोगों का होता है इलाज

इस संस्था के संचालक आचार्य तरुण ने बताया कि संस्था में एक एंबुलेंस का भी प्रबंध किया गया है। जैसे ही संस्था को यह सूचना मिलती है कि कोई शख्स सड़क किनारे असहाय स्थिति में पड़ा है यानी वह भीख मांगने के योग्य भी नहीं है तो संस्था के कर्मचारी अपनी एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचती है और उसे उठाकर सबसे पहले स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित में इसकी जानकारी देते हुए उनका इलाज कराया जाता है। उसके बाद उन्हें इस आश्रम में लाया जाता है।

उन्होंने बताया कि संस्था के कर्मचारियों द्वारा यह प्रयास किया जाता है कि किसी भी तरह इस शख्स को इसके अपनों तक पहुंचाया जा सके। जब से संस्था ने इस तरह काम का करना शुरू किया है तब से यह करीब 12 लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जा चुका है।

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वर्तमान में 60 लोग आश्रम में मौजूद

उन्होंने बताया कि आज भी उनके आश्रम में 60 लोग मौजूद हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने घर ही जाना नहीं चाहते और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने घर वालों का ही कोई अता-पता नहीं है। वहीं कुछ लोगों को उनके घरवाले स्वीकार करना नहीं चाहते है। ऐसी स्थिति में संस्था के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है, क्योंकि उनका इलाज और खाना पीने का इंतजाम तो बखूबी तरीके से संस्था द्वारा करा दिया जाता है। लेकिन जो ऐसे लोग हैं, संस्था उन्हें आगे से कहां रखें।

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प्रशासनिक सहयोग से होगा और भी बेहतर काम

उन्होंने बताया कि इस अभियान में यदि उन्हें प्रशासनिक सहयोग मिल जाए तो निश्चित तौर पर ऐसे लोगों को एक ऐसे स्थान पर सुरक्षित रखा जा सकता है जहां पर इनका जीवन यापन आसानी से हो सके। लेकिन उन्हें अभी तक इस तरफ प्रशासनिक सहयोग किसी तरह का भी नहीं मिल पा रहा है हालांकि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी इस तरफ ध्यान देने के लिए एक खत लिखा है।

अब तक 12 लोगों को परिवार से मिलाया

उन्होंने बताया कि 12 ऐसे लोग थे जिनमें से कुछ मानसिक रुप से विक्षिप्त हो चुके थे और वह अपने घर से निकल गए थे। लेकिन काफी ढूंढने के बाद भी वह अपने घर वालों को नहीं मिल सके थे। जब प्रेरणा सेवा आश्रम में यह शख्स आए तो इनसे कुछ पूछताछ की गई। जैसे ही इन्होंने कुछ थोड़ी बहुत भी जानकारी दी तो इनके घरवालों का पता ढूंढा गया। जिसके बाद से उन्होंने अपने ही परिवार से बिछड़े शख्स को गले लगाया और प्रेरणा सेवाश्रम का बहुत शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य जिलों के रहने वाले गरीब 12 लोगों को प्रेरणा सेवा संस्थान उनके घर वालों तक पहुंचा चुकी है।

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