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CoronaVirus: UP से आई राहत भरी खबर, पीड़ित कारोबारी ठीक होकर घर लौटे, बेटे की हालत में भी सुधार

Highlights- पीड़ित कारोबारी ने इच्छाशक्ति से 15 दिन में कोरोना वायरस को हराया- कारोबारी के बेटे की पहली रिपोर्ट भी आई निगेटिव, दूसरी का इंतजार- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले 56 वर्षीय कारोबारी 15 दिन पहले ईरान से लौटे थे

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Coronavirus Disease 2019 (COVID-19)

गाजियाबाद. पुरानी कहावत है कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। जी हां, इस कहावत को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाले एक कारोबारी ने सही साबित कर दिखाया है। बता दें कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर करीब 15 दिन पहले डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें सफदरजंग अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। जहां लगातार इलाज के बाद अब उनकी दोनों रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है। हालांकि अब घर पर ही उन्हें 15 दिन तक आइसोलेशन में रहना पड़ेगा।उधर, कारोबारी के 27 वर्षीय बेटे की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इस तरह कोरोना के खौफ के बीच गाजियाबाद के साथ ही देशभर के लोगों के लिए भी यह राहत भरी खबर है।

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दरअसल, करीब 15 दिन पहले गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले 56 वर्षीय कारोबारी ईरान से लौटे थे। उनकी दो दिन बाद ही तबीयत खराब होनी शुरू हो गई थी। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को इसका पता चला तो उनकी जांच कराई गई, जिसमें उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया। आनन-फानन में उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। वहां भी दोबारा उनका टेस्ट हुआ तो उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

इच्छाशक्ति मजबूत की तो हुआ सेहत में सुधार

कारोबारी का कहना है कि जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला तो वह 2 दिन बेहद परेशान हुए, लेकिन इसी बीच उन्होंने अपने मन में ठाना कि अब जो भी होगा वह होकर रहेगा। बहरहाल उन्होंने सबकुछ ऊपर वाले पर छोड़ते हुए अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत किया। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चार अन्य मरीजों के साथ रखा गया था। जैसे ही पॉजिटिव रिपोर्ट आई तो उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और एक बंद कमरे में ही रखा गया। उन्होंने इच्छा जताई कि उन्हें यहां घुटन महसूस हो रही है और अकेले कैसे रह पाएंगे। चिकित्सकों ने भी उनकी बात पर ध्यान देते हुए उनके दरवाजे और खिड़की खोल दिए और उनसे कहा कि उन्हें जो भी इच्छा होती है, वह खा सकते हैं। कारोबारी का कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति मजबूत की तो उनकी सेहत में सुधार होने लगा। आखिरकार उनके दो टेस्ट कराए गए दोनों टेस्ट निगेटिव पाए गए है। अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वह खुद भी अपने आप को बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी भी उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में घर पर ही करीब 15 दिन तक आइसोलेशन में रहना होगा।

27 वर्षीय बेटे की रिपोर्ट भी निगेटिव

बता दें कि इससे पहले ही उनकी पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जबकि बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें भी गाजियाबाद जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था। अब उनके 27 वर्षीय बेटे की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। एक अन्य रिपोर्ट का आने का इंतजार है। यदि वह भी निगेटिव आती है तो उसे भी घर भेज दिया जाएगा। बहराल इस पूरे मामले से यह साबित होता है कि निश्चित तौर पर इच्छाशक्ति यदि इंसान की मजबूत है तो वह हर बीमारी पर काबू पा सकता है। इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि कारोबारी को छुट्टी दे दी गई है। हालांकि 15 दिन तक उन्हें घर ही आइसोलेशन में रहना होगा। वहीं, उनके बेटे की भी दूसरी रिपोर्ट सही आती है तो उसे भी छुट्टी दे दी जाएगी। वह भी 15 दिन तक घर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यह खबर गाजियाबाद के रहने वाले लोगों के लिए भी राहत वाली है। अब गाजियाबाद के लोगों को केवल ध्यान देने की आवश्यकता है न कि घबराने की।

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