
rohingya muslim
गाजियाबाद. रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर लगातार विरोध की आवाज बढ़ने लगी है। अब हिंदू संगठन के जयशिव सेना ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को चिन्हित करके देश से बाहर किया जाए वर्ना म्यांमार की तरह ही यहां भी वैसी ही सजा दी जाएगी। जय शिवसेना और हिन्दुस्तान पुनरोदय मंच ने एक प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए इस पर अपना रूख साफ करते हुए कहा कि हजारों लोगों के कातिलों के लिए भारत देश में कोई जगह नहीं है।
जयशिवसेना अध्यक्ष अमित आर्यन ने बताया कि बौद्ध धर्म के लोग सबसे अधिक शांतिप्रिय होते हैं। इन रोहिंग्या मुस्लिमों ने उनके साथ उनकी महिलाओं के साथ बलात्कार व लूट, हत्या करने लगे थे। तभी इन शांतिप्रिय बौद्धों ने इनके खिलाफ हथियार उठाए। सरकार उन्हें ढूंढने में नाकाम होती है तो ऐसी स्थिति में हम इन्हें ढूंढने का कार्य करेंगे व इन्हें जो सजा म्यांमार में मिली है यही सजा हम भी देंगे।
हिंदुस्तान पुनरोदय मंच के अध्यक्ष डॉ हरपाल सिंह ने बताया कि रोहिंग्या मुस्लिम देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। देश के पास पक्के प्रमाण है कि यह आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। जैसे अराकान रोहिंग्या लिबरेशन आर्मी 1972 में गफ्फार नामक आतंकी द्वारा बनाई गई। रोहिंग्या लिबरेशन आर्मी 1974 में मोहम्मद जफर हबीब द्वारा बनाई गई। रोहिंग्या पैट्रिक आर्मी आदि आतंकी संगठन है। इन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इन रोहिंग्या व अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान की जाए अन्यथा पूरे देश को इसका भयानक अंजाम भुगतना होगा।
सोशल अवेयरनेस सोसाइटी के अध्यक्ष विनीत शर्मा जी ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि देश के अंदर ओवोसी जैसे बड़े मुस्लिम नेता इन रोहिंग्या मुस्लिमों का समर्थन कर रहे हैं। सरकार को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष महेश आहूजा ने भी इसका विरोध किया। इस मौके पर कैलाश सरण, आर एम गर्ग, श्री एन एन वर्मा, अजीत अग्रवाल, आर एस शर्मा, बी.डी रात्रा, मनमोहन गोयल, पुष्पा गोयल, एस एस राणा, ओपी सिंह, के के तिवारी,अशोक यादव, आदि लोग मौजूद रहे|
Published on:
05 Oct 2017 01:56 pm
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