
गाजियाबाद। यूपी में स्कूल छात्रों की सुरक्षा और स्कूली बस में व्यवस्था को लेकर प्रशासन काफी सतर्क हो गई है। आलम यह है कि आरटीओ द्वारा मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली बसों पर विभाग द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अकेले गाजियाबाद में आरटीओ विभाग द्वारा मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली
128 बसों का चालान काटा गया है। इसके अलावा सभी स्कूल मालिकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया है कि वह अपनी स्कूल बसों को पूरे मानकों के अनुसार चलाएं अन्यथा स्कूल बसों को सीज भी किया जा सकता है।
1536 है स्कूल बसों की संख्या
गाजियाबाद आरटीओ विभाग में कुल 1536 स्कूलों की बस और वैन का रजिस्ट्रेशन हुआ है । लेकिन, काफी संख्या में स्कूल बसें आरटीओ के मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। जिसका संज्ञान लेते हुए संभागीय परिवहन विभाग ने अप्रैल 2017 से अब तक कुल 128 बसों का चालान किया है। विभाग द्वारा समय-समय पर इन स्कूल बसों की फिटनेस और रजिस्ट्रेशन एवं इंश्योरेंस आदि चेक किया जाता है। इसके बावजूद भी जनपद में अप्रैल 2017 से और अब तक कुल 128 स्कूल बस ऐसी पाई गई हैं, जो मानकों पर खरी नहीं पाई गई। विभाग के अधिकारियों द्वारा इन सभी बसों का चालान कर इनसे अर्थदंड वसूला गया है। इसके अलावा उन्हें हिदायत भी दी गई है कि यदि दोबारा इस तरह की खामियां सामने आती हैं, तो इन बसों को सीज भी किया जाएगा।
समय-समय पर होती है चेकिंग
गाजियाबाद एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि आम तौर पर वाहनों की चेकिंग समय-समय पर की जाती है। चाहे वह ओवरलोडिंग हो, गाड़ियों के कागजात से संबंधित हो या फिर डग्गामार वाहन हो। सभी वाहनों को गहनता से चेक किया जाता है और जिन वाहनों में खामियां पाई जाती हैं, उनसे अर्थदंड वसूलते हुए उनका चालान किया जाता है।
समय-समय पर होती है वाहनों की चेकिंग
एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह के मुताबिक, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चों को लाने और ले जाने के लिए स्कूल बस और वैन के कुल 1536 रजिस्ट्रेशन हैं। इनमें से एनजीटी के आदेश के अनुसार 46 बस 10 वर्ष के अंतराल में आ गई हैं। जिन्हें रोड पर नहीं चलाया जाएगा। यदि वह इन बसों का इस्तेमाल करते हैं
तो निश्चित तौर पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 1536 बसों में से 485 CNG की बसें हैं। लेकिन, इनकी फिटनेस, इंश्योरेंस टैक्स, इनके अंदर फर्स्ट एड बॉक्स, दिशा-निर्देश तालिका जैसे तमाम मानकों को समय-समय पर चेक किया जाता है।
प्राइवेट वाहनों को किया जाएगी सीज
विश्वजीत सिंह ने बताया कि इस साल खास तौर से स्कूल वाहनों को चेक किया जाएगा। क्योंकि, बहुत सी ऐसी स्कूल बस और वैन हैं, जो मानकों पर पूरी कहीं से भी खड़े नहीं उतरते, इसके बावजूद स्कूल संचालक बच्चों के लाने और ले जाने में उसका इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा कुछ प्राइवेट वाहन भी स्कूल के
बच्चों को लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे वाहनों को भी चिन्हित कर उन्हें सीज करने का काम किया जाएगा।
एआरटीओ ने बताया कि 1536 रजिस्ट्रेशन में कुछ ऐसी बस भी हैं, जिनकी कंडीशन पूरी तरह से सही है। लेकिन, एनजीटी के आदेश अनुसार 10 वर्ष के अंदर आ गई हैं, जिन्हें सड़कों पर नहीं चलाया जा सकता। लेकिन, ऐसी बसों के लिए विभाग द्वारा एक प्रावधान भी है कि बस का मालिक उस बस के अब तक के
सभी कागजात पूरी कराते हुए CNG लगवा कर रजिस्ट्रेशन करा लें। जिससे वह मान्य हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अलग से सीएनजी रजिस्ट्रेशन होगा और सारी प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन की फीस आदि फिर से जमा करानी होगी।
Updated on:
18 Jan 2018 05:52 pm
Published on:
18 Jan 2018 05:25 pm
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