19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ghaziabad News: करोड़ो खर्च कर लगवाया सोलर प्लांट, फिर भी GDA ने भरा 20 लाख का बिल

Ghaziabad News: Ghaziabad Development Authority ने साल 2018 में 5 करोड़ रुपये खर्च कर सोलर प्लांट लगवाया लेकिन वह अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। वहीं GDA 20 लाख रुपये महिने बिल का भुगतान भी कर रहा है।

2 min read
Google source verification
solarplant installed spending crores not started GDA pay 20 lakh bill

Ghaziabad News: GDA ने करीब 6 साल पहले साल 2018 में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के साथ एक एग्रीमेंट किया लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च कर सोलर प्लांट लगवाए। दावा था कि इससे जीडीए हर साल लगभग 2 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली बचाएगा। लेकिन ये दावा बस दावा बनकर रह गया। सोलर प्लांट लग तो गए लेकिन एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हो पाया। अगर बिजली का उत्पादन हो रहा है तो बिजली जा कहा रही है। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। फिलहाल जीडीए हर महिने करीब 20 लाख रुपये बिजली का बिल भर रहा है।

एक्शन में अधिकारी
इस मामले की जानकारी जब जीडीए वीसी राकेश कुमार सिंह को हुई तो उन्होंने चीफ इंजीनियर समेत सभी अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद सिस्टम के नहीं चलने की वजह पता की तो उन्होंने तुरंत भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को पत्र भेजने का निर्देश जारी किया। जीडीए की तरफ से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को पत्र शुक्रवार को भेजने की बात सामने आ रही है। जीडीए के चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में कंपनी को पत्र भेजा जा रहा है। जिससे इन सोलर प्लांटों को चालू करवाकर बिजली विभाग के ग्रिड के साथ लिंक किया जा सके और जीडीए के बिजली की बचत की जा सके।

ऐसे हुई गड़बड़

जीडीए ऑफिस समेत अन्य 10 जगहों पर सोलर प्लांट तो लगवा दिए गए लेकिन उनमें नेट मीटर नहीं लग पाए, जिसकी वजह से सिस्टम अभी तक एक्टिवेट नहीं हो पाया है। जीडीए के अधिकारियों के अनुसार नेट मीटर वह मीटर होता है कि जिससे सोलर प्लांट से पैदा हुई बिजली सीधे बिजली विभाग के ग्रिड में चली जाती है। बिजली विभाग जितनी बिजली का उपयोग करेगा उसे ग्रिड में सोलर प्लांट के माध्यम से गई बिजली को घटा दिया जाएगा। फिर जितनी यूनिट बिजली का प्रयोग किया गया है उतने का ही बिल का भुगतान किया जाता है। यूपीपीसीएल को कई बार नेट मीटर लगवाने के लिए पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक मीटर नहीं लग पाया है।


बिजली विभाग का क्या है कहना
UPPCL के गाजियाबाद के एरिया चीफ इंजीनियर नीरज स्वरूप का कहना है कि अभी दो महिने पहले ही नेट मीटर लगवाने का काम शुरू हुआ है। जिस संस्था में सोलर प्लांट लगा है वह उसे मेरठ के बिजली विभाग के प्लांट में टेस्ट करवाएगा। तब उसे लगाया जाएगा। एक बार मीटर लग जाएगा तो फिर उसे ग्रीड से जोड़ दिया जाएगा और बिजली का बिल समायोजित होकर आने लगेगा।