
टीवी सीरियल देखकर की थी बेटे की हत्या | Image Source - Pexels
Stepmother son murder case Ghaziabad: गाजियाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। एक सौतेली मां ने अपनी सहेली के साथ मिलकर टीवी पर चल रहे एक क्राइम सीरियल से प्रेरित होकर 11 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रच डाली। अदालत ने मंगलवार को दोनों महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मोदीनगर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरम में अक्टूबर 2023 में राहुल के 11 वर्षीय बेटे शब्द उर्फ सद्दी की हत्या की गई थी। हत्या के आरोप में सौतेली मां रेखा और उसकी सहेली पूनम को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उम्रकैद के साथ 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर दोनों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। रेखा और राहुल की दूसरी शादी थी, जबकि शब्द राहुल की पहली पत्नी से था।
जब बच्चा अचानक घर से लापता हुआ तो उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे कैमरों की जांच की, जिसमें शब्द को घर में प्रवेश करते हुए तो देखा गया लेकिन बाहर निकलते नहीं। यह फुटेज पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुआ। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को सेप्टिक टैंक का टूटा स्लैब मिला, जिससे शक गहरा गया। लाठी से टैंक खंगालने पर बच्चा अंदर मृत पाया गया।
जब पुलिस ने शव बाहर निकाला तो वह शब्द का ही था। उसके पैर में चुन्नी से एक बड़ा पत्थर बांधा गया था और गले पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। पूछताछ में रेखा लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
रेखा ने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि भविष्य में शब्द उसे और उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी परी को स्वीकार नहीं करेगा। उसे लगता था कि बच्चा बड़ा होकर उसे और उसकी बेटी को घर से दूर कर देगा। इसी भय और जलन ने उसे हत्या की ओर धकेल दिया। अभियोजन पक्ष ने रेखा के इसी बयान और साक्ष्यों को कोर्ट में मजबूत तरीके से पेश किया।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की तो रेखा पहले दिन से जेल में थी, लेकिन हत्या में शामिल साजिशकर्ता पूनम जमानत पर बाहर थी। कोर्ट ने पूनम की भूमिका को समान अपराध माना और उसे भी तुरंत जेल भेजते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सजा पर हुई बहस के दौरान कोर्ट ने कहा कि दोनों महिलाओं ने न सिर्फ हत्या की बल्कि अपराध छुपाने के भी पूरे प्रयास किए। इसी वजह से दोनों को हत्या के साथ-साथ सबूत मिटाने के आरोप में तीन-तीन साल की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
इस मामले में शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बेहद मजबूती से केस की पैरवी की। वहीं निजी अधिवक्ता राहुल कुमार कोको और नसीम चौधरी ने निशुल्क पैरवी की। पुलिस टीम ने समय पर साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच का सहारा लेकर केस को मजबूत किया।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रेखा और पूनम टीवी पर चल रहे एक क्राइम शो को देख रही थीं, जिसमें एक युवक की हत्या कर उसके शव को पत्थर से बांधकर नहर में फेंका गया था। इसी दृश्य के बाद दोनों ने शब्द की हत्या की योजना बनाई। हालांकि रेखा ने कोर्ट में इस बात से इंकार कर दिया, पर जांच से यह तथ्य साबित हो गया।
Updated on:
10 Dec 2025 10:47 am
Published on:
10 Dec 2025 10:47 am
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