जेल से बाहर निकाला गया ये आतंकवादी, जानिए क्यों

जेल से बाहर निकाला गया ये आतंकवादी, जानिए क्यों

Nitin Sharma | Updated: 10 Jul 2019, 10:44:35 AM (IST) Ghaziabad, Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

मुख्य बातें

  • डासना जेल में बंद था आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा
  • मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
  • भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल में कराया गया भर्ती
  • आज हो सकता है आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा का ऑपरेशन
  • साेनीपत बम ब्लास्ट केस में हाे चुकी है उम्र कैद की सजा

गाजियाबाद। सोनीपत बम ब्लास्ट केस में सजा काट रहे आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाजियाबाद डासना जेल से सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है । इसकी वजह उसकी आंखों में मोतियाबिंद होना है। जिसका इलाज चलने के साथ ही बुधवार को जिला अस्पताल में ऑपरेशन हो सकता है। इसको लेकर उसके कई टेस्ट जिला सरकारी अस्पताल में किए जा रहे हैं। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर टुंडा की जांच कराई।

 

 

news

चेकअप के दौरान टुंडा की आंखों में हुई बीमारी का लगा पता

चिकित्सकों के अनुसार करीम टुंडा को दोनों आंखों में मोतियाबिंद है। इसके चलते उसका ऑपरेशन होना है । इसके लिए टुंडा की कई जांच कराई गई है। सरकारी अस्पताल से डॉक्टरो ने डासना जेल में जाकर उसका चेकअप किया था। इसी दौरान उसकी आंखों में न दिखने की वजह मोतियाबिंद निकली। बुधवार को आतंकवादी टुंडा का ऑपरेशन किया जाएगा। करीम टुंडा जब तक जिला अस्पताल में रहेगा। तब तक उसके चारों तरफ सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मी तैनात रहेंंगे। बताया जा रहा है कि करीम टुंडा के परिजनों के अलावा अन्य किसी शख्स को करीम टुंडा से मिलने की इजाजत भी नहीं मिल पाएगी।

दूसरे मरीजों से दूरी पर रखा गया आतंकवादी करीम टुंडा

वहीं अस्पताल के सीएमएस रवींद्र राणा ने बताया कि अब्दुल करीम टुंडा को मोतियाबिंद के साथ ही हार्निया भी है। एमएमजी में सिर्फ उसकी आंखों का ऑपरेशन किया जाएगा। अन्य बीमारी जैसे हार्निया और दिल से संबंधित होने के चलते उसे दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाएगा। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। टुंडा को अस्पताल के सभी मरीजों से दूर निजी वार्ड में भर्ती किया गया है। उसके वॉर्ड में डॉक्टर, नर्स और पुलिसकर्मियों के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है।

 

बम ब्लास्ट केस में सुनाई जा चुकी उम्र कैद की सजा

बता दें कि आज से 23 साल पूर्व 1996 की शाम सोनीपत बस स्टैंड के पास एक सिनेमा हॉल और मार्केट में दो ब्लास्ट हुए थे। इस ब्लास्ट में 12 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। जिसके बाद पुलिस ने सज्जन सिंह नाम के एक शख्स के बयान पर केस दर्ज किया थी। इसके साथ ही ब्लास्ट की जांच में आतंकी टुंडा का नाम सामने आया था। जिसे 2013 में नेपाल के रास्ते भारत में लौटते समय दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। वहीं कोर्ट ने इस मामले में उसके दोषी मिलने पर उम्र कैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से टुंडा जेल में बंद है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned