गाजियाबाद। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन कराने वाली श्री रामलीला समिति, राजनगर को लेकर सियासत होना शुरू हो गया है। दरअसल एक समिति के लिए दो अध्यक्ष अपनी अपनी दावेदारी बता रहे हैं। समिति के एक पक्ष से अध्यक्ष व पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने सपा नेता जितेन्द्र यादव पर गंभीर आरोप लगाए है। आरोप है कि एमएलसी जितेन्द्र यादव पहले खुद को सरंक्षक बताते हैं फिर महासचिव बताते हैं। इस मामले में 23 तारीख को रजिस्ट्रार ऑफिस में सुनवाई होगी।
क्या है विवाद
रामलीला समिति, राजनगर के आजीवन सदस्यों डॉ. सुनील भटनागर, विनीत शर्मा, पीयूष गर्ग, आरके जैन, केके त्यागी, राधेश्याम शर्मा, केवीएस ढाका, सत्येन्द्र यादव, प्रवीन चौधरी ने 16 जुलाई, 2016 को सनातन धर्म मंदिर में बैठक कर प्रस्ताव रखा कि अध्यक्ष राजेन्द्र त्यागी एवं उनकी समस्त कार्यकारिणी अपने शेष कार्यकाल को पूर्ण कर विवाद को समाप्त करें।
उधर, 17 जुलाई, 2016 को संरक्षक मंडल ने कुछ पदाधिकारियों एवं कुछ आजीवन सदस्यों के साथ बैठक कर राकेश मिश्रा को श्री रामलीला समिति, राजनगर का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। उसके बाद राजेन्द्र त्यागी ने 22 जुलाई, 2017 को बैठक कर श्री रामलीला महोत्सव-2016 की तैयारियों के बारे में आम सभा को अवगत करा दिया।
राजेन्द्र त्यागी का आरोप
राजेन्द्र त्यागी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि सपा एमएलसी ने गलत प्रपत्र देकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। पहले वो खुद को सरंक्षक और बाद में महासचिव बता रहे हैं। पहले राकेश मिश्रा को अध्यक्ष बताया जाता है बाद में किसी और का नाम तय कर दिया जाता है। इसके अलावा एमएलसी के कहने पर ही डीएम ने 15 अगस्त को उनके कार्यक्रम को रद्द कर दिया।