जिस कॉलेज से की पढ़ाई वहीं दी गई अंतिम विदाई, विनोद ने कहा था शाम को आराम से बच्चों से करुंगा बात

शहीद विनोद चौधरी का अंतिम संस्कार
अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब
केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह भी पहुंचे

By: Ashutosh Pathak

Updated: 03 Mar 2019, 04:18 PM IST

गाजियाबाद. शक्रवार को कुपवाड़ा नें आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए गाजियाबाद के बेटे को आज अंतिम विदाई दी गई। विनोद कुमार के अंतिम यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा और भारत माता के जयकारे के साथ विनोद कुमार अमर रहे का नारा लगाते रहे। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। साथ ही रालोद प्रमुख अजित सिंह और सिवाल खास (मेरठ) विधायक जितेंद्र सतवाई विनोद कुनार के अंतिम यात्रा में पहुंचे।

 

इससे पहले शुक्रवार को जैसे ही विनोद की शहादत की खबर मिली तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के अनुसार विनोद कुमार ने पढ़ाई के दौरान ही फोर्स में जाने का मन बना लिया था। इसके लिए वह बाकायदा उन्होंने मेहनत भी कर दी थी। पढ़ाई के साथ ही वह एनसीसी कैडेट भी रहे थे। इसके बाद 2004 में उन्होंने सीआरपीएफ ज्वाइन कर ली। पिछले डेढ़ वर्ष से वह कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। उनकी शादी 2007 में बुलंदशहर के शिकारपुर निवासी नीतू से हुई थी।
अपने पति की शहादत की खबर मिलने के बाद से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह एक ही बात बार-बार दोहरा रही हैं कि विनोद ने कहा था कि शाम को आराम से उनसे और बच्चों से भी बात करूंगा, अभी ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन शाम को जहां नीतू मोबाइल लेकर पति के फोन का इंतजार कर रही थी।इसी बीच शाम को उनकी शहादत की खबर आ गई।

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दरअसल सीआरपीएफ के जवान विनोद कुमार ने आखिरी बार शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे पत्नी नीतू से फोन पर बात की थी। उस वक्त दोनों बच्चों को स्कूल से लेने जा रही नीतू से विनोद ने शाम को बात करने का वादा किया था और कहा कि ‘मैं ऑपरेशन में हूं, बच्चों को ले आ, शाम को कैंप में पहुंचकर बात करूंगा’। वहीं, परिवार और रिश्तेदारों से मिली जानकारी के मुता बिक विनोद कुमार ने पतला कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसलिए गांववालों ने कॉलेज के ही ग्राउंड पर अंतिम संस्कार करवाने का निर्णय कियौ। आपको बता दें कि इससे पहले कश्मीर में ही शहीद हुआ गाजियाबाद के अजय का अंतिम संस्कार भी इसी कॉलेज में हुआ था तब यहां हंगामा हो गया था, जिसके बाद अब प्रशासन काफी सतर्क है।

 

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विनोद कुमार (35) सीआरपीएफ 92 बटालियन में तैनात थे और मूल रूप से मोदीनगर के पतला कस्बे के रहने वाले थे। उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में ही चल रही थी। शुक्रवार दोपहर वह कुपवाड़ा में अपने साथियों के साथ आतंकवादियों से लोहा ले रहे थे। उसी दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने दो आतंकवादी मार गिराए। लेकिन सीआरपीएफ के एक अधिकारी समेत पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। इनमें विनोद कुमार भी शामिल थे। शहीद विनोद कुमार अपने पीछे पत्नी नीतू, पुत्र अंश (9) व पुत्री एलिस उर्फ अनवी (6) को छोडक़र गए हैं। इनके अलावा परिवार में तीन भाई राजेंद्र, जोगेंद्र व पप्पू के अलावा बहन कुसुम व राजवती हैं। उनके घर पर गमजदा परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है।

Ashutosh Pathak
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