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अनाज व्यापारी की हत्या मामले का 48 घंटे में खुलासा, पकड़े गये सभी आरोपी

अनाज व्यापारी मोहन चौहान की हत्या मामले में पुलिस ने जख्मी गैंग के सरगना प्यारे प्रजापति मुख्य आरोपियों को धर दबोचा ।

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अपराधी गिरफ्तार

गाजीपुर. दुल्लहपुर के धर्मागतपुर के अनाज व्यापारी मोहन चौहान की हत्या के वक्त जख्मी गैंग के सरगना प्यारे प्रजापति के जरिये पुलिस आखिर उसके अन्य साथियों तक पहुंच ही गई। दुल्लहपुर के चौजा मोड़ के पास से शनिवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिकअप भी बरामद हुई।

पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने तीनों लुटेरों को मीडिया के सामने पेश किया। उनमें दो पवन कुमार तथा अंगद कुमार गैंग सरगना प्यारे प्रजापति के गांव मीरपुर ओड़ासन थाना बहरियाबाद के रहने वाला है, जबकि तीसरा सुरेश यादव आजमगढ़ जिले के तरवां थानाक्षेत्र स्थित नारायनपुर गांव का है। पुलिस कप्तान ने बताया कि यह गैंग पिकअप लेकर गुरुवार की भोर में करीब तीन बजे धर्मागतपुर चट्टी पर पहुंचा। जहां मोहन चौहान का ट्रैक्टर मय ट्राली खड़ा था। उस पर मोहन के व्यवसायी पिता लिल्लू चौहान सहित अन्य व्यवसायियों के गल्ले लदे थे। जिन्हें सुबह जंगीपुर मंडी पहुंचाना था। गैंग के सदस्य ट्रैक्टर ट्राली से गल्ला उतार कर अपनी पिकअप में लादने लगे। उसी बीच अपने पिता की दुकान के पास भाइयों संग मोहन आहट पाकर उठा। उसके बाद वह तथा उसके भाई गैंग के सदस्यों से भिड़ गए।

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गैंग का सरगना मोहन को पिकअप में जबरिया बैठा लिया और फिर वह सभी पिकअप लेकर दुल्लहपुर के लिए निकले। रास्ते में चलती पिकअप से मोहन तथा गैंग सरगना में गुत्थम-गुत्थी चलती रही। तब गैंग के अन्य सदस्य मोहन के सिर पर डंडे का जोरदार प्रहार किए और पिकअप से फेंकने लगे। तब मोहन गैंग सरगना को जकड़ लिया और दोनों सोनहड़ा मोड़ के पास पिकअप से गिर पड़े, जहां मोहन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गैंग सरगना प्यारे प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गया। बावजूद वह खेतों के रास्ते ओड़राई स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा। वहां फोर्स में भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे युवकों से उसने इलाज के लिए मदद मांगी। युवकों से अपनी करतूत छिपाते हुए बताया कि वह मुंबई से आते वक्त ट्रेन से गिर गया था। युवक उसकी नाजुक स्थिति देख सरकारी एंबुलेंस बुलाए और उसे जखनियां सीएचसी भेज दिए।

इधर इस घटना को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने धर्मागतपुर में रास्ता जाम कर दिया था । मौके के लिए चले सीओ भुड़कुड़ा आलोक प्रसाद को रास्ते में उन युवकों ने बताया कि एक संदिग्ध रूप से जख्मी व्यक्ति को उन्होंने सरकारी एंबुलेंस से जखनियां सीएचसी के लिए रवाना किया है। तब सीओ भुड़कुड़ा ने फोन के जरिये सिपाहियों को जखनियां सीएचसी जाकर उस व्यक्ति पर नजर रखने को कहा। उधर सीएचसी में भी गैंग सरगना अपनी करतूत छिपाते हुए खुद की हालत गंभीर बता कर वाराणसी के लिए रेफर करने की बात करता रहा। उसकी बातों पर पुलिस को शक हुआ और उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कराए।

फिलहाल पुलिस हिरासत में गैंग सरगना का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उसके बताने पर ही गैंग के अन्य तीन सदस्यों को मात्र 48 घंटे में इतनी बड़ी वारदात का पर्दाफाश करना पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। पुलिस कप्तान ने बताया कि गैंग का सरगना प्यारे प्रजापति शातिर लुटेरा है। उसके खिलाफ गाजीपुर सहित आजमगढ़ तथा मऊ के विभिन्न थानों में गैंगस्टर सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। एक सवाल पर पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि मोहन चौहान की मौत गला घोंटने से नहीं बल्कि सिर पर संघातिक चोट से हुई थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर कोई चोट नहीं थी।

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