
श्याम नारायण यादव
गाजीपुर . पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को रिहा कर दुनिया की नजरों में खुद को शांति का मसीहा दिखाने वाले पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से मुठभेड़ में चार CRPF जवान फिर शहीद हुए। यह घटना ठीक उसी दिन हुई जब देश पाकिस्तान से अभिनंदन की वतन वापसी के जश्न में डूबा था। इसी घटना में जवान श्याम नारायण यादव को भी गोली लगी थी और गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार की देर रात उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गयी। वो गाजीपुर जिले के बिरनो थानाक्षेत्र के हसनपुर (फत्तेपुर) गांव के रहने वाले थे। इस घटना के बाद शहीद के परिवार में गुस्सा है। उनकी मां ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुलाने की मांग की है। बेटे का कहना है कि पाकिस्तान जिस भाषा में समझे उसे उसी भाषा में समझाना चाहिये, जबकि भाई का कहना था कि फौज को पूरी छूट दे देनी चाहिये ताकि वो पाकिस्तान को सुधार दे।
श्याम नारायण यादव पुत्र स्व. मुखराम यादव गाजीपुर जिले के बिरनो थानाक्षेत्र के हसनपुर (फत्तेपुर) गांव के रहने वाले थे। पुलवामा हमले के बाद बीते एक मार्च को जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में चार सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए। इसी घटना में श्याम नारायण गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए थे। शनिवार की देर रात उनकी मौत की खबर गाजीपुर में उनके परिजनों को मिली। सूचना के बाद शहीद के बड़े भाई जम्मू के लिये रवाना हो गए।
शहीद श्याम नारायण यादव सीआरपीएफ में सूबेदार के पद पर तैनात थे। मुखराम यादव के पांच बेटों में श्याम नारायण यादव चौथे नंबर पर थे। उनके दो बेटे हैं बड़ा अरविंद (23 वर्ष) और छोटा प्रवीण सिंह यादव (20 साल) प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रहा है। परिजनों का खबर मिलने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। 105 साल की बूढ़ी मां सितावती देवी ने मांग किया की प्रधानमंत्री को बुलाया जाय। पत्नी प्रमिला यादव भी रोते-रोते बेसुध हो जा रही थीं। बेटे अरविंद ने बताया कि जब हमने बात की थी तब वो कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे। शनिवार की रात दो बजे हमें पता चला कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे।
By Alok Tripathi
Published on:
03 Mar 2019 06:47 pm
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