
Symbolic Photo of Action on Educatioln Mafia in UP
गाजीपुर जिले के शिक्षा माफिया में चंद्रहास कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, चंद्रपाल कुशवाहा और सियाराम यादव के नाम जो भी संपत्ति थी उसे कुर्क किया गया है। शिक्षा माफिया राजेंद्र कुशवाहा,पारस नाथ कुशवाहा महेंद्र कुशवाहा ने इन सभी के नाम भूखंड खरीदा था, जिले के अधिकारियों की गठित कमेटी के साथ एसपी, तहसीलदार के नेतृत्व में भारी फोर्स मौजूद रही। गाजीपुर के सदर कोतवाली इलाके के छावनी लाइन के कई मौजा में है शिक्षा माफिया की संपत्ति है। अब तक राजेंद्र और उसके भाई पारस कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा समेत अन्य लोगों की कुल 30 करोड 91 लाख की संपत्ति कुर्क हो चुकी है।
छवानी लाइन के मौज़ा में पुलिस ने कार्यवाई की
गाजीपुर के सदर कोतवाली इलाके के छावनी लाइन के मौजा में जिला प्रशासन ने डीएम के निर्देश पर धारा 14 (1) के तहत कुर्क की कार्रवाई की। इस दौरान पोलिएक जिला प्रशासन और राजस्व की टीम के साथ खुद एसपी रोहन पी बोत्रे मौके पर पहुंचे। एसपी रोहन पी बोत्रे ने बताया कि, शिक्षा माफिया की संपत्ति जिसकी कुल मलकियत तकरीबन 3 करोडों 10 लाख की है। उसे कुर्क किया गया है।
TET समेत कई परीक्षाओं को पास कराने की लेता था गारंटी
राजेन्द्र कुशवाहा पर गैंगेस्टर एक्ट 14(1) के तहत मुकदमा दर्ज है जिसमें मुख्य आरोपी पारस कुशवाहा है। शिक्षा माफिया पारस कुशवाहा पहली बार तब सुर्खियों में आया था जब उसके कालेज में हुई पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में एक ही कमरे से टाप 10 में सभी छात्र आ गये थे।
साल 2020 - 2021 में टीईटी परीक्षा में उसके विद्यालय से एसटीएफ ने सामूहिक नकल पकड़ी थी।इसके बाद पारस कुशवाहा उसके भाई महेंद्र कुशवाहा और राजेंद्र कुशवाहा सभी के ऊपर गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और अबतक शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कुल 30 करोड़ 91 लाख की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
Published on:
22 Jul 2022 04:51 pm
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