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गाजीपुर के लाल ने सैन्य अधिकारी बनकर बढाया जनपद का मान

फिर जिले को मिली बड़ी कामयाबी 

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ghazipur son vaibhav singh

जिले के लाला ने किया कमाल

गाजीपुर. देश की सीमा पर अपनी बहादुरी के लिए मशहूर गाजीपुर जिले के नाम एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह ये है कि यहां के एक लाल ने सैन्य अधिकारी बनकर फिर से जिले का नाम देश भर में रोशन किया है।

जी हां वैसे तो गाजीपुर वीरों और सैनिको की धरती के रूप में जाना जाता है। इस जनपद में सैनिकों का ऐसा कोई पद नहीं है जो इस जनपद में न मिले। इस का प्रत्यक्ष उदाहरण जनपद का गहमर गांव है जहां औसतन हर परिवार में एक सैनिक मौजूद है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम लेंफ्टिनेंट वैभव सिंह ने किया है। वैभव सिंह पुत्र रणवीर सिंह गाजीपुर के रिवरबैंक कालोनी के रहने वाले है। उनके पिता रणवीर सिंह एक समाजसेवी है वहीं उनकी माता विनीता सिंह सेंट जान्स स्कूल में टीचर है। वैभव की शिक्षा हाई स्कूल सेंट जान्स से, इन्टर सिटी मांटेसरी लखनऊ और बीटेक मनिपाल इंस्ट्टियूट ऑफ टेक्नोलाजी सिक्कीम से हुआ है। इन का चयन यूनिवर्सिटी इन्ट्रेन्स स्कीम के माध्यम से ऑफिसर प्रशिक्षण अकादमी चेन्नई के लिए हुआ।

9 सितंबर को भारतीय थल सेना में चेन्नई में हुए पासिंग आउट परेड के बाद राजपूत रेजीमेंट में लेंफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ती की खबर मिलते ही पूरे परिवार में खुशी का महौल है। इस दौरन लेंफ्टिनेट वैभव सिंह ने बताया कि यहां तक पहुंचने में मेरे पूरे परिवार के साथ माता पिता की अहम भूमिका है। वहीं नवागत लेफ्टिनेंट वैभव के पिता रणवीर सिंह का कहना है कि मुझे गर्व है कि मेरा बेटा देश की सेवा के लिए समर्पित है और ये देश का नाम रौशन करेगा। वहीं वैभव को सेना की वर्दी में देख कर 90 साल की दादी चंद्रावती के आंखों में खुशी के आंसू आ गए और कहा कि मेरा पोता सेना की वर्दी पहनी है और देश के मान सम्मान में अपनी अहम भूमिका निभाएगा ये मेरी शुभकामना है। वैभव के दादा स्व.रामसुरत सिंह परियोजना प्रशासक के रूप में जनपद में अपना सेवा दे चुके है। यह परिवार मूल रूप से जौनपुर जनपद के कुसरना(डोभी) गांव के रहने वाले है।