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जानेिए विधानसभा- ये है जंगीपुर विधानसभा सीट

नये परिसीमन वर्ष २०१२ में पहली बार वजूद में आई जंगीपुर विधानसभा सीट

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Ashish Kumar Shukla

Sep 28, 2016

jangipur

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गाजीपुर. नये परिसीमन के बाद गाजीपुर जिले की जंगीपुर विधानसभा सीट वर्ष २०१२ में पहली बार वजूद में आई है।जिलें में पूर्व में सैदपुर, सादात, जखनियां, जमानिया, सदर, मुहम्मदाबाद, जहूराबाद और दिलदारनगर विधानसभा क्षेत्र थे,लेकिन वर्ष २०१० में नये परिसीमन के बाद विधानसभा क्षेत्रों में बदलाव हुआ। जिले की सादात और दिलदारनगर विधानसभा सीटे खत्म हो गयी,जबकि नये विधानसभा क्षेत्र के रुप में जंगीपुर का जन्म हुआ।

वर्ष २०१२ में जंगीपुर सीट के लिए पहला विधानसभा चुनाव हुआ। जंगीपुर में पूर्वान्चल की सबसे बड़ी अनाज मण्डी है। वर्ष २०१२ के विधानसभा चुनाव में सपा के कैलाश यादव ने इस सीट पर जीत हासिल कर जंगीपुर के पहले विधायक बने।अखिलेश सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे कैलाश यादव सपा के दिग्गज नेता माने जाते रहे हैं।जिले की यादव बिरादरी पर अपनी खास पकड़ रखने वाले कैलाश यादव का १० फरवरी २०१६ को आकस्मिक निधन हो गया।जिसके बाद हुये जंगीपुर उपचुनाव में उनकी पत्नी किस्मती देवी ने सपा के टिकट पर चुनाव जीता। किस्मती देवी वर्तमान में जंगीपुर सीट से विधायक हैं। जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल ३ लाख ४४ हजार ६६२ मतदाता हैं।


- १. गाजीपुर जिले में कुल सात विधानसभा सदर,जंगीपुर,जमानियां,सैदपुर,मुहम्मदाबाद,जहूराबाद और जखनियां सीट हैं।सात विधानसभा सीटों में से छह पर समाजवादी पार्टी जबकि मुहम्मदाबाद सीट पर कौमी एकता दल काबिज है।सैदपुर और जखनियां विधानसभा सीटें सुरक्षित हैं। सैदपुर सीट से सपा के सुभाष पासी,जखनियां सीट से सपा के सुब्बा राम,जहूराबाद सीट से सपा की शादाब फातिमा, जमानियां विधानसभा सीट से सपा के ओम प्रकाश सिंह,जंगीपुर विधानसभा सीट से सपा की किस्मती देवी,जबकि मुहम्मदाबाद सीट से कौमी एकता दल के शिवगत उल्लाह विधायक हैं। गाजीपुर जंगीपुर विधानसभा सीट से किस्मती देवी सपा की विधायक है।

-२.गाजीपुर की जंगीपुर सीट पर २०१२ में हुये विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा के बीच आमने सामने की टक्कर हुई थी।जबकि तत्कालीन विधायक और अखिलेश सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे कैलाश यादव के निधन के बाद वर्ष २०११६ में हुये उपचुनाव में तस्वीर बिल्कुल बदली नजर आई। उप चुनाव में भाजपा ने सपा को कड़ी टक्कर दी। उप चुनाव में बसपा मैदान में नही उतरी थी।जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल ३ लाख ४४ हजार ६६२ मतदाता हैं।जिसमें सर्वाधिक ६६ हजार वोटर हरिजन हैं, जबकि दूसरे नम्बर पर करीब ६१ हजार यादव वोटर हैं। जंगीपुर में २४ हजार कुशवाहा,२१ हजार वैश्य,२८ हजार राजभर,१६ हजार मुस्लिम और १७ हजार ब्राह्म्ण मतदाता है।इसके अलावा १९ क्षत्रिय,१७ हजार बिन्द, १२ हजार भूमिहार,१४ हजार चौहान बिरादरी के वोटर चुनाव को प्रभावित करने की भूमिका निभाते हैं। जंगीपुर में तकरीबन ६ हजार की संख्या में मुसहर,६ हजार प्रजापति,५ हजार पासी और ५ हजार पाल बिरादरी के वोटर भी हैं।

- ३.जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल ३ लाख ९९ हजार २६६ मतदाता हैं।जिसमें १ लाख ८७ हजार ४११ पुरुष वोटर,जबकि १ लाख ५७ हजार ६६२ महिला मतदाता हैं।

- ४.वर्ष २०१२ के विधानसभा चुनाव में सपा के कैलाश यादव ने ७२ हजार २०८ वोट पाकर जंगीपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी।इस चुनाव में बसपा के मनीष पान्डेय को ६२ हजार ७४४ मत मिले थे,जबकि बीजेपी के रमेश सिंह ने १० हजार ३५ वोट पाये थे।वर्ष २०१६ के उपचुनाव में दिवंगत कैलाश यादव की पत्नी और सपा उम्मीदवार किस्मती देवी ने ८२ हजार से ज्यादा मत पाकर जंगीपुर सीट से जीत हासिल की। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के रमेश सिंह को तकरीबन ६१ हजार वोट मिले थे।उपचुनाव में बसपा ने अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में नही उतारा था।

- ५.वर्ष २०१४ के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मनोज सिन्हा ने जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र से ६० हजार ३८६ वोट हासिल किये।जबकि सपा की शिवकन्या कुशवाहा ५८ हजार ९५४ मत प्रप्त कियायबसपा के कैलाश नाथ यादव को लोकसभा चुनाव में ४९ हजार ४६ वोट जंगीपुर क्षेत्र से मिले थे।

- ६.जंगीपुर विधानसभा सीट पर कोई वीआईपी नही है।

- ७.जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार की ओर से कराये जाने वाले विकास कार्यों को लेकर लोग पूरी तरह मुखर हैं। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा जो कि अब मोदी सरकार में संचार राज्यमंत्री के अतिरिक्त प्रभार का दायित्व ले चुके हैं। उनके द्वारा जिले में कराये गये रेलवे के विकास कार्यक्रमों और योजनाओं का आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।जबकि क्षेत्र में बिजली,सड़क और पेयजल के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर वोटर चुनावी मूड बनायेगे। शहरी इलाकों में जहां बिजली,सड़क,पेयजल,रोजागार के साधन,शिक्षा और मेडिकल सेवाए चुनावी मुद्दा बन कर उभर रही हैं,वहीं ग्रामीण इलाकों में सड़क,बिजली और सिंचाई के साधन जैसे मुद्दे मतदाताओं को प्रभावित करेंगें।इसके अलावा जंगीपुर मण्डी समिति का विकास और इलाके में व्यापार के संसाधनो के विकास जैसे मुद्दे भी चुनाव में हावी रहेगें।

- ८.जंगीपुर इलाके में पिछले कुछ महीनों से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर लोग संतुष्ट नजर आ रहे हैं,लेकिन इलाके में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव उन्हे खटकता है। सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वय न होने से लोग मायूस है।इलाके में बदहाल सड़कों की समस्या से भी लोग हलाकान हैं।अखिलेश सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे कैलाश यादव का निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास न होना लोगो को खल रहा है।स्थानीय विधायक की आम लोगो के लिए अनुपलब्धता स्थानीय लोगो को खटक रही है। क्षेत्र के विधायक की क्षेत्रीय लोगो से संवादहीनता और क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति स्थानीय विधायक की उदासीनता से लोग वर्तमान विधायक से संतुष्ट नजर नही आ रहे हैं।

- ९..इलाके में सड़को की मरम्मत और जंगीपुर मण्डी का विकास क्षेत्रीय लोगों की मांगों में शुमार है।अनाज मण्डी के विकास को लेकर किसान और व्यापारी लम्बे अर्से से मांग उठाते रहे हैं।क्षए६ में रोजगार के संसाधनों की स्थापना को लेकर भी लोगों की मांग बनी हुई है। जंगीपुर कस्बे में शहरी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर भी लोग मुखर हैं।जंगीपुर कस्बे में व्यापारियों की बड़ी तादात होने के चलते व्यापारियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की भी लगातार मांग की जाती रही है।
-१०.जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में अपराधिक इतिहास वाले नेता या प्रत्याशी नही है।

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