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कृष्णानंद राय हत्याकांड में आया सीबीआई कोर्ट का फैसला, मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी समेत सभी 8 आरोपियों को…

2005 में गाजीपुर में हुई थी भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या। मुख्तार, अफजाल, मुन्ना बजरंगी समेत आठ पर लगा था आरोप।

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Krishnand Rai Mukhtar Ansari

कृष्णानंद राय मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)

गाजीपुर. चर्चित भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट का फैसला आ गया है। सीबीआई कोर्ट ने 14 साल बाद फैसला सुनाया है। बाहुबली मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी, मुन्ना बजरंगी समेत सभी आठ आरोपियों को सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस हत्याकांड में बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी अभी जेल में हैं, जबकि अफजाल अंसारी पेरोल पर बाहर हैं।

गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा से बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या उस समय कर दी गयी थी जब वह एक क्रिकेट मैच का उद्घाटन करके लौट रहे थे। वह करीमुद्दीनपुर थानाक्षेत्र के बसनिया गांव में क्रिकेट मैच का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उद्घाटन करके उनका काफिला वापस लौट रहा था कि उसी समय नजदीक ही उनके काफिले पर हमला हो गया। कृष्णानंद राय को गोलियों से भून दिया गया। स्व. राय समेत कुल सात लोगों की मौत हुई थी।

कृष्णानंद राय के बड़े भाई केएन राय की तहरीर पर इस मामले में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी को साजिशकर्ता, जबकि मुन्ना बजरंगी, संजीव माहेश्वरी ‘जीवा’, रामू मल्लाह, मंसूर अंसारी, राकेश पाण्डेय व एजाजुल हक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। सुनवायी के दौरान ही शशिकांत राय व मनोज समेत मुकदमे के तीन गवाह मारे गए, जबकि एक गवाह बाद में अपने बयान से पलट गया। मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी दोनों इस मामले में जेल गए। अफजाल अंसारी पेरोल पर छूट गए, जबकि मुख्तार अंसारी आज भी जेल में बंद हैं। एक आरोपी मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर की जा चुकी है।

By Alok Tripathi