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मुख्तार अंसारी को लेकर बड़ा खुलासा, जेल में मेहरबान रहते थे अधिकारी, क्या-क्या करता था माफिया?

Mukhtar Ansari Today News: मुख्तार अंसारी 2005 से जेल में निरूद्ध है लंबे समय तक वह गाजीपुर जेल में भी रखा गया था। इस दौरान वह जेल से ही अपना पैरलल सिस्टम ऑपरेट करता था ।

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Mukhtar Ansari Today News

मुख्तार अंसारी

इन दिनों मुख्तार अंसारी सुर्खियों में है। उनकी पहले की कई कहानियां सामने आ रही है। मुख्तार अंसारी कभी
जेल में ईद पर बकरे की कुर्बानी देता था। जिसकी कहानी अभी खूब वायरल हो रही है। मुख्तार अंसारी साल 2005 से जेल में कैद है। लम्बे समय तक गाजीपुर जिला जेल में भी रहा है।

जेल की भीतर बकरे की कुर्बानी दी जाती थी
इस दौरान उसे जेल मैनुअल से इतर तमाम सुविधाएं उपलब्ध थी। गाजीपुर जेल में मुख्तार अंसारी ऐसी सुविधाएं का भोग कर रहा था, मानों वह जेल में नहीं बल्कि किसी रिजॉर्ट या होटल में रह रहा हो। बताया जाता है कि बकरीद में कुर्बानी देने के लिए जेल में बाहर से बकरा भेजा जाता था। भीतर ही बकरे की कुर्बानी दी जाती थी।

मुख्तार जेल से ही पैरेलल सिस्टम करता था ऑपरेट
इतना ही नहीं मुख्तार जेल से ही पैरेलल सिस्टम ऑपरेट करता था। उस समय क्राइम रिपोर्टिंग करने वाले कई रिपोर्टर ने इस बात की पुष्टि नाम नहीं छापने की शर्त पर की। इसके साथ ही साथ गेट के मुख्य द्वार को मुख्तार अंसारी के मिलने जुलने वालों के लिए पूरे दिन खोला रखा जाता था।

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वहीं, अगर नियमानुसार देखा जाए तो किसी विशिष्ट अधिकारी के आने पर ही जेल का मुख्य द्वार खोला जाता है। लेकिन जानकारों की मानें तो 10 नंबर बैरक जिसमें मुख्तार को रखा गया था, उसके ठीक सामने एक बड़ा सा मैदान था। इस मैदान में मुख्तार हर रोज बैडमिंटन, क्रिकेट खेला करता था।

उसी 10 नंबर बैरक में अफजाल अंसारी को रखा गया है
इसी ग्राउंड के बगल में एक पोखरा था। पोखरा में रोहू मछली बाहर से लाकर पाली जाती थी। बताया यह जाता है कि जब मुख्तार को मछली खाने का मन हो तो जिंदा मछली पोखरे से निकालकर बनाई जाती थी। बता दें, जिस बैरक नंबर 10 से मुख्तार का सिस्टम चलता था। अब उसी 10 नंबर में अफजाल अंसारी को रखा गया है।