21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाजीपुर

नित्यानंद महाराज ने आशा राम व राम रहीम को लेकर खोला ये राज

संत समाज जिसे आमजन श्रद्धा की नजरों से देखता था...

Google source verification

गाजीपुर. संत समाज जिसे आमजन श्रद्धा की नजरों से देखता था, लेकिन आसाराम और उसके बाद राम रहीम के प्रकरण के बाद आमजन का संत समाज के प्रति धारणा बदल गई है। मंगलवार को जनपद में चल रहे एक भागवत कथा जो करंडा के चकिया गांव में चल रहा है। जिसमें ऋषिकेश के कैलाश आश्रम से आए संत नित्यानंद गिरी अपना प्रवचन दे रहे थे। जब उनसे उन संतो के बारे में जानने का प्रयास किया जो इस वक़्त जेल में हैं तो उन्होंने बोलते हुए कहा कि, यह सब गृहस्थ हैं इन सभी के बाल बच्चे हैं। जो अंदर हुए हैं ऐसा जो करते हैं उनको करनी का फल मिलेगा गृहस्थ मार्ग व्यक्तिगत है।

 

ऐसा नहीं कि एक संत खराब हुआ तो सभी संत खराब हो गए। इसी समाज में रामकृष्ण परमहंस जैसे भी संत हुए हैं आदि शंकराचार्य भी हमारे आदर्श होते हैं यह लोग धर्म की आड़ में बिजनेस करते हैं और जब इसमें दुराचार हो जाता है तो उसका नतीजा सामने आता है। ऐसा भी नहीं ऐसे पाखंडी अब पैदा हुए हैं। बल्कि आदि काल से ऐसे पाखंडी पैदा होते रहे हैं रावण ने भी इस वेश को दूषित किया है। ऐसे लोगों का प्रभाव आज पूरे संत समाज को पड़ रहा है. लोगों का आस्था से धर्म डिगा है ऐसे लोगों से ही समाज बिगड़ता है।

input- आलोक त्रिपाठी