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सेल्समैन-मालिक को शराब में पानी मिलाकर बेचना पड़ा भारी, शिकायत पर मारा छापा, अब लाइसेंस हो गया निरस्त

यूपी के गाजीपुर में एक शराब की दुकान में मिलावट हो रही थी। आबकारी की टीम ने जब दुकान पर छापा मारा तो पता चला कि शराब में पानी मिलाया जा रहा है। इसकी तीव्रता भी 42.7 से 33.6 पाई गई।
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गाजीपुर

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 5 Jul 2025, 3:30 PM IST

शराब (AI Generated Image)

शराब (AI Generated Image)

यूपी के गाजीपुर में एक सैल्समैन और दुकान मालिक को शराब में पानी मिलाकर बेचना भारी पड़ गया। शिकायत के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारा और दुकान से बोतलों के सैंपल लिए। छापेमारी में दुकान पर शराब में पानी मिलाकर बेचे जाने की बात पता चली थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान को सीज कर दिया था। इसके साथ ही दुकान मालिक और सेल्समैन को गिरफ्तार कर लिया था।

अब इस मामले में जिला अधिकारी ने सुनवाई के दौरान फैसला देते हुए दुकान को पूर्ण रूप से निरस्त कर दिया है। दुकान के निरस्त होने की सूचना जैसे ही शहर के अन्य दुकानदारों को लगी तो पूरे शहर के दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने मारा था छापा

आबकारी विभाग को कुछ दिनों पहले शिकायत मिली थी कि शहर की एक शराब दुकान पर मिलावट हो रही है। यहां की कंपोजिट शराब की दुकान पर शराब की बोतलों की सील तोड़कर उसमें पानी मिलाकर बेचा जाता है. इस शिकायत के मिलने पर आबकारी के अधिकारी दुकान पर पहुंचे। इसके बाद जब जांच की तो मामला सही पाया। फिर उसी वक्त तत्काल प्रभाव से दुकान के मालिक और सेल्समैन को सैदपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

शराब की बोतलों पर लगे थे बारकोड

शराब की बोतलों पर गलत बारकोड लगे थे। जांच के दौरान टीम ने अंग्रेजी शराब की बोतलों पर बियर के होलोग्राम और स्टीकर लगे पाए थे। आबकारी विभाग की टीम ने शराब की बोतलों की जांच की तो बोतलों की मानक कि तीव्रता 42.8 की जगह 33.6 थी। इसी तरह जांच के दौरान कुल 87 अंग्रेजी शराब की बोतलों पर बारकोड भी गलत पाया गए थे।