18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बारिश के पानी से कई कच्चे मकान धराशाई, सरकारी शौचालय में रखा है लोगों का जरूरी सामान

खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोग

2 min read
Google source verification
Water logging

जलजमाव

गाजीपुर. देश के कई राज्यों में इन दिनों बाढ़ ने कहर बरपाया है, बाढ़ के कारण लोग परेशान हैं। बाढ़ व बारिश के पानी के कारण गाजीपुर में भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है । जहां पर बाढ़ तो अभी नहीं आई है, लेकिन एक सप्ताह पूर्व हुए बारिश ने लोगों को अब तक परेशान कर रखा है। बारिश का पानी पूरे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। जिसकी वजह से प्रतिदिन लोगों को सामना करना पड़ रहा है। वहीं जब पानी किसी तरह निकलना शुरू हुआ तो अब लोगों का कच्चा मकान गिरना शुरू हो गया है। जिसके चलते लोग दूसरों के घरों में आसरा लेकर या खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील के भाला गांव के लोगों के लिए बारिश का पानी जी का जंजाल बन गया क्योंकि पूरे गांव में बारिश के पानी की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोगों के घरों में कई दिनों तक पानी घुसा रहा जिसके वजह से लोगों की पुराने घरों और झोपड़ियों की दीवाल को डैमेज कर दिया है, और जब किसी तरह से पानी निकलना शुरू हुआ तो वह एक-एक कर लोगों के कच्चे मकान को अपना निशाना बनाता गया । बारिश के पानी के चलते इस गांव के दर्जनों मकान जमींदोज हो चुके हैं, और स्थिति ऐसी हो चुकी है कि लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, या फिर किसी दूसरे के रहमों करम पर दूसरे के मकान में रह रहे हैं ।


कुछ दिनों पूर्व स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय लोगों के सामानों को सुरक्षित रखने का एकमात्र विकल्प बना हुआ है । जिसमें लोग अपने रोजमर्रा की जरूरत का सामान रख किसी तरह अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस समस्या पर ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह चंचल ने बताया कि उनके गांव में आज तक किसी को भी आवास की योजना नहीं मिल पाया है जिसके लिए उन्होंने कई बार लिखा भी है। वहीं जब इस समस्या के बारे में प्रभारी जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने राजस्व विभाग और आपदा विभाग को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए निर्देशित कर दिए हैं और जल्द ही उनके रिपोर्ट के आधार पर लोगों को राहत दिलवाने का कार्य करेंगे।

BY- ALOK TRIPATHI