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इस वजह से 14 आशा बहू हुई निलंबित

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने महिला अस्पताल का निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई किया है।

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Gonda news

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जिला महिला अस्पताल के कर्मचारियों पर डिप्टी सीएम की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। एसीएमओ ने आज महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

एसीएमओ के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बिना काम के शादे पोशाक में आशा घूमती मिली। अधिकारी द्वारा जब उन्हें बुलाकर पूछा गया। अस्पताल कैसे आई हो, कोई भी आशा जवाब नहीं दे पाई। जिस पर एसीएमओ ने 14 आशा बहू को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

बिना काम के घूमती मिली आशा बहू

महिला अस्पताल में अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थी। अपने को आशा बहू बताकर कई महिलाएं दलाली करती पाई गई। अस्पताल में दलालों के प्रवेश को रोकने के लिए सीएमओ ने अस्पताल कर्मचारियों को ड्रेस कोड में आने का निर्देश दिया था। आशा बहुओं द्वारा लगातार आदेश का पालन नहीं किया जा रहा था।

आशाओं के बिना ड्रेस कोड में अस्पताल में आने का सिलसिला जारी रहा। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि बुधवार को महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्लॉकों से अस्पताल पहुंची आशा बहू बिना काम के घूमती मिली। इनके द्वारा ड्रेस कोड का भी पालन नहीं किया जा रहा था। जिस पर विभिन्न ब्लाकों से अस्पताल 14 आशा बहू को निलंबित कर दिया गया है।

इनको किया गया निलंबित

नगर क्षेत्र की आशा बहू आफरीन काजी देवर की माला शुक्ला,मीना शुक्ला, उर्मिला दुबे और अनीता सिंह परसपुर की शशि, राधा ओझा वजीरगंज की पुष्पा सिंह और पुष्पा शुक्ला पटना कटरा बाजार की किरन शर्मा, गीता मिश्रा खरगूपुर की कुसुम उपाध्याय मुजेहना की माधुरी को निलंबित कर दिया गया है। यह सभी आशा बहू अस्पताल में बिना काम के शादे पोशाक घूमती मिली।

ड्रेस के लिए दो दिन पहले गार्ड ने रोका, तो आशा ने काटा हंगामा

बीते 2 दिन पूर्व हारीपुर गांव की आशा कार्यकर्ता शांती पांडेय बगैर ड्रेस के अस्पताल आई थी। ड्रेस में न होने पर अस्पताल के गेट पर खड़े गार्ड अंकित व देवकुमार ने नियमों का हवाला देकर आशा कार्यकर्ता को गेट पर ही रोक लिया। इससे आशा कार्यकर्ता भड़क उठी और दोनों के बीच विवाद होने लगा।‌ जिस पर आशा ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। जिस पर इनकी सेवा समाप्ति की नोटिस इन्हें दी गई थी।