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कोऑपरेटिव बैंक में 21 करोड़ का घोटाला! तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत 16 पर FIR

उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोण्डा शाखा में स्पेशल ऑडिट के दौरान 21 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ। ऋण वितरण और खातों से अवैध लेनदेन के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत 16 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई।

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Gonda Accident

नगर कोतवाली गोंडा

उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोण्डा शाखा में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। स्पेशल ऑडिट में ऋण वितरण और खातों से धन निकासी में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। बैंक प्रबंधन की तहरीर पर मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोण्डा शाखा में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बैंक के सहायक मुख्य प्रबंधक भुवन चन्द्र सती ने कोतवाली नगर थाने में प्रकरण दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। मामला शाखा में हुए संदिग्ध ऋण वितरण और खातों से अवैध धन अंतरण से जुड़ा है।

मनमानी तरीके से ऋण स्वीकृत और वितरण किया गया

बैंक मुख्यालय के निर्देश पर भारतीय रिजर्व बैंक में इम्पैनल्ड चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा कराई गई स्पेशल ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट में यह सामने आया कि गोण्डा शाखा में ऋण स्वीकृति और वितरण बैंक नीति तथा आरबीआई और नाबार्ड के नियमों के विपरीत किया गया। रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने कुछ बैंक कर्मियों और खाताधारकों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाकर अनियमित रूप से ऋण वितरित किए है।

21 करोड़ 47 लाख 78 हजार का हुआ घोटाला

आरोप है कि बिना पात्रता, बिना आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और कई मामलों में फर्जी व कूटरचित अभिलेखों के आधार पर ऋण दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक के पांच आंतरिक खातों से करीब 46.13 लाख रुपये अवैध रूप से डेबिट कर अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए। और धन की निकासी कर ली गई। इसके अलावा 205 खाताधारकों के ऋण और बचत खातों से लगभग 2101.65 लाख रुपये तथा आंतरिक खातों सहित कुल करीब 2147.78 लाख रुपये का विभिन्न बैंकिंग माध्यमों से दुरुपयोग और गबन किया गया। आरोप है कि धनराशि को आरोपियों और उनके परिजनों व करीबियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। बताया गया कि ऋण की राशि का उपयोग किस्तें जमा करने में भी किया गया। ताकि खाते एनपीए घोषित न हों और मामला बैंक मुख्यालय की नजर में न आए। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, आपराधिक साजिश और पद के दुरुपयोग का प्रतीत हो रहा है। मुख्य प्रबंधक ने की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ जालसजी धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में किस दर्ज किया गया।

सीओ बोले- तत्कालीन प्रबंधक समेत 16 के खिलाफ केस दर्ज

सीओ नगर ने बताया कि मुख्य प्रबंधक उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव शाखा गोंडा भुवन चंद्र द्वारा अपने ही बैंक के तत्कालीन प्रबंधक पवन कुमार पाल सहित 16 कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से 24 के बीच जारी किए गए लोन की आंतरिक जांच में 21 करोड़ का घोटाला सामने आया है। मुख्य प्रबंधक की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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